अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को दिल्ली के महिलाओं की हाय लगी है- मनोज तिवारी
शराब घोटाले को लेकर दिल्ली सरकार पर हमला बोलते हुए दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और लोक सभा सांसद मनोज तिवारी ने कहा है कि आम आदमी पार्टी की सरकार, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को दिल्ली की रोती-बिलखती और चीत्कार करती महिलाओं की हाय लगी है और अभी इनके साथ और बुरा होना है.
नई दिल्ली, 20 अगस्त : शराब घोटाले को लेकर दिल्ली सरकार पर हमला बोलते हुए दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और लोक सभा सांसद मनोज तिवारी ने कहा है कि आम आदमी पार्टी की सरकार, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को दिल्ली की रोती-बिलखती और चीत्कार करती महिलाओं की हाय लगी है और अभी इनके साथ और बुरा होना है.
मनोज तिवारी ने कहा कि एक तरफ केंद्र की भाजपा सरकार है जो जनहित में काम करती है तो दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी की सरकार है, जो शराब माफियाओं के हित में काम करने के लिए प्रसिद्ध हो गई है. तिवारी ने कहा कि तमाम नियम कानूनों को दरकिनार कर केजरीवाल ने दिल्ली के रिहायशी इलाकों और स्कूलों के धार्मिक स्थलों के पास शराब के ठेके खोलने का काम किया और उस समय दिल्ली की महिलाएं रो रही थी,चीत्कार कर रही थी कि उनके बच्चे छोटी उम्र से शराब पीने लग जाएंगे, बिगड़ जाएंगे लेकिन केजरीवाल ने उनकी नहीं सुनी. यह भी पढ़ें : Bihar: बिहार में कोर्ट के गेट पर अपराधियों का तांडव, न्यायालय कर्मचारी की गोली मारकर हत्या
भाजपा सांसद ने कहा कि सिसोदिया पहले इस नई आबकारी नीति को सबसे बेस्ट बताते थे लेकिन जब जांच शुरू हुई तो इसे वापस ले लिया और आज फिर से सिसोदिया इसे बेस्ट पॉलिसी बता रहे हैं तो उन्हे इस बात का भी जवाब देना चाहिए कि अगर यह पॉलिसी इतनी ही अच्छी थी तो आम आदमी पार्टी के नेता जो इससे 9,500 करोड़ रुपये का राजस्व आने कि बात कहते थे उन्हे यह जवाब देना चाहिए कि इससे सिर्फ 1,400 करोड़ रुपये का राजस्व ही क्यों प्राप्त हुआ ? दिल्ली में शराब की बिक्री बढ़ी लेकिन राजस्व घट गया,यह घटे हुए 8,100 करोड़ रुपए किसकी जेब में गए. उन्होने कहा कि सही दिशा में जांच हो रही है और भाजपा यह चाहती है कि सच सामने आए, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए. यह भी पढ़ें :
वहीं दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने केजरीवाल सरकार पर हर तरीके से शराब माफिया को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आजाद भारत में पहली बार केजरीवाल सरकार ने महत्वपूर्ण त्योहारों के मौकों पर शराब के ठेकों को बंद रखने की बजाय खोलने का काम किया. ड्राई-डे की संख्या को 21 से घटाकर 3 कर दिया . दिल्ली में आवासीय परिसरों, गांवों, स्कूलों के पास, मंदिरों और धार्मिक स्थलों के पास शराब के ठेके खोलने की अनुमति दी और दिल्ली में शराब के ठेकों की संख्या को 250 से बढ़ाकर 850 कर दिया. उन्होने आरोप लगाया कि इन ठेकों का विरोध करने वाली महिलाओँ को बाउंसर्स से पिटवाया गया.
गुप्ता ने कहा कि 21 नवंबर को जब ये नई शराब नीति लॉन्च की गई थी उस समय इसका कारण पूछने पर मनीष सिसोदिया ने कहा था कि ये नीति दिल्ली में शराब के समान वितरण के लिए लाई जा रही है. उन्होने कहा कि इससे दिल्ली सरकार की मंशा साफ होती है कि वो साफ पानी, सीवरेज और परिवहन जैसी जरूरी व्यवस्था के समान वितरण की बजाय दिल्ली के घर-घर तक शराब पहुंचाने में लगे थे.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 20, 2022 05:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

