Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में अच्छी बारिश के लिए अनोखा अनुष्ठान, इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए ग्रामीणों ने की कुत्ते की पूजा; VIDEO

यह मामला अनंतपुर जिले के विदपनकल्लू मंडल स्थित कोट्टलपल्ली (Kodathalapalli) गांव का है. गांव में लंबे समय से बारिश न होने के कारण सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है.

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Andhra Pradesh News:  आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से बारिश के लिए एक अनोखा परंपरा का मामला सामने आया है. जिले में मानसून की अनिश्चितता और बारिश की कमी से परेशान ग्रामीणों ने अच्छी बरसात की कामना करते हुए एक कुत्ते को सजाया और विधि-विधान से उसकी पूजा-अर्चना की. स्थानीय किसानों का मानना है कि इस प्राचीन रिवाज को निभाने से वर्षा के देवता प्रसन्न होते हैं.

हल्दी-केसर से सजाकर की गई महापूजा

यह मामला अनंतपुर जिले के विदपनकल्लू मंडल स्थित कोट्टलपल्ली (Kodathalapalli) गांव का है. गांव में लंबे समय से बारिश न होने के कारण सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है.  यह भी पढ़े:  Frog Wedding for Rain: बारिश के लिए गोरखपुर में कराई गई मेंढक-मेंढकी की शादी, देखें तस्वीरें

बारिश के लिए कुत्तें की पूजा

परंपरा के अनुसार ग्रामीणों ने कुत्ते को 'कटामारायुडू' का रूप मानकर उसे हल्दी और केसर से रंगा, फूलों की माला पहनाई और पूजा की. इसके बाद ग्रामीणों ने विशेष पकवान तैयार कर मवेशियों और कुत्ते को भोग लगाया, जिसे बाद में सामूहिक रूप से प्रसाद के रूप में ग्रहण किया गया.

बिना पानी दिए गांव में छोड़ने का नियम

इस अनूठी परंपरा में एक खास मान्यता जुड़ी हुई है. कुत्ते को भोजन कराने के बाद बिना पानी पिलाए ही गांव में खुला छोड़ दिया जाता है. ग्रामीणों का विश्वास है कि जब प्यास से व्याकुल जानवर पानी के लिए भटकता है, तो उसकी स्थिति देखकर वर्षा के देवता द्रवित होते हैं और क्षेत्र में जल बरसाते हैं.

पूर्वजों से चली आ रही है परंपरा

कोट्टलपल्ली के किसानों का कहना है कि यह परंपरा उनके पूर्वजों के समय से चली आ रही है. जब भी क्षेत्र में सूखा पड़ता है और बुवाई का समय बीतने लगता है, तो ग्रामीण एकजुट होकर अपनी आस्था व्यक्त करने के लिए ऐसे अनुष्ठान करते हैं.

हालांकि इन सामाजिक मान्यताओं और अनुष्ठानों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है, लेकिन यह सूखा झेल रहे किसानों की सामूहिक उम्मीद और विश्वास का प्रतीक बना हुआ है.

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