शर्मनाक! अजमेर में मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला से गैंगरेप का मामला, पुलिस ने कुछ ही घंटे बाद 2 आरोपियों को दबोचा
अजमेर के किशनगढ़ में मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला से गैंगरेप के मामले को पुलिस ने 18 घंटे में सुलझा लिया है. पुलिस ने 450 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और भेष बदलकर की गई निगरानी के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
Ajmer Gang Rape Case: राजस्थान के अजमेर जिले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक गंभीर अपराध का पर्दाफाश किया है. किशनगढ़ के डंपिंग यार्ड के पीछे स्थित सुनसान जंगल में मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला के साथ हुए कथित गैंगरेप के मामले में पुलिस ने महज 18 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
पीड़िता की मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह पुलिस को घटना या आरोपियों के संबंध में कोई ठोस जानकारी देने में असमर्थ थी. इसके बावजूद पुलिस टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों और अपने मुखबिर तंत्र का कुशलता से उपयोग कर मामले को सुलझाया. यह भी पढ़े: Delhi HC on Rape Case: शादी का झांसा देकर रेप के आरोपी को दिल्ली हाईकोर्ट से नहीं मिली जमानत; 9 फर्जी प्रोफाइल्स पर कोर्ट ने कहा- 'मासूम लड़कियों का शिकारी'
डंपिंग यार्ड के पास सुनसान इलाके में हुई थी वारदात
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना किशनगढ़ स्थित डंपिंग यार्ड के पीछे एक सुनसान जंगली क्षेत्र में घटी. मामले की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया और घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच शुरू की गई.
आरोपियों की पहचान और तलाश के लिए पुलिस ने कई विशेष टीमों का गठन किया. आरोपियों का सुराग जुटाने के लिए पुलिसकर्मियों ने किशनगढ़ और आसपास के इलाकों में लगे करीब 450 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण किया.
पुलिस ने बदला हुलिया, 450 CCTV खंगालकर बिछाया जाल
जांच के दौरान पुलिस ने केवल डिजिटल साक्ष्यों पर निर्भर रहने के बजाय जमीनी स्तर पर भी रणनीति बदली. पुलिसकर्मियों ने भेष बदलकर संदिग्ध इलाकों और संभावित ठिकानों पर गुप्त निगरानी रखी.
तकनीकी इनपुट, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और मुखबिरों से मिली सटीक जानकारी के आधार पर पुलिस ने दोनों संदिग्धों को चिन्हित कर हिरासत में ले लिया.
आरोपियों से पूछताछ जारी
अजमेर के पुलिस अधीक्षक (SP) हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की गई और 18 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली.
पुलिस फिलहाल दोनों आरोपियों से घटना को लेकर गहन पूछताछ कर रही है, ताकि मामले में सभी वैज्ञानिक और कानूनी साक्ष्यों को मजबूत कर अदालत के समक्ष पेश किया जा सके.