अहमदाबाद Air India विमान हादसे को लेकर इटैलियन अखबार का बड़ा दावा, पायलट ने जानबूझकर बंद किए थे इंजन के फ्यूल कंट्रोल स्विच?
अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे को लेकर एक इटैलियन अखबार ने चौंकाने वाला दावा किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, पायलट ने जानबूझकर इंजन के फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद कर दिए थे.
Ahmedabad Air India Plane Crash Update: अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया के विमान हादसे को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में एक बड़ी रिपोर्ट सामने आई है. एक प्रमुख इटैलियन समाचार पत्र ने दावा किया है कि इस दुर्घटना के पीछे तकनीकी खराबी से ज्यादा मानवीय चूक या पायलट का जानबूझकर लिया गया फैसला जिम्मेदार हो सकता है. रिपोर्ट के अनुसार, विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से ठीक पहले पायलट ने इंजन के 'फ्यूल कंट्रोल स्विच' (Fuel Control Switches) को बंद कर दिया था, जिससे इंजनों को ईंधन की आपूर्ति रुक गई थी.
इटैलियन अखबार की रिपोर्ट में क्या है?
इटली के प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र द्वारा प्रकाशित इस रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि विमान के 'ब्लैक बॉक्स' और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर के प्रारंभिक विश्लेषण से संकेत मिले हैं कि विमान के दोनों इंजनों के फ्यूल लीवर 'ऑफ' स्थिति में पाए गए थे. Ahmedabad Plane Crash: Air India ने की 25 लाख रुपये की अंतरिम सहायता की घोषणा, टाटा संस कर चुका है 1 करोड़ देने का ऐलान
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दावा: रिपोर्ट में तर्क दिया गया है कि लैंडिंग के दौरान जब विमान रनवे के करीब था, तब अचानक इंजन बंद होने से वह अनियंत्रित होकर गिर गया.
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सवाल: जांचकर्ता इस बात पर हैरान हैं कि आखिर किस परिस्थिति में पायलट ने हवा में ही इंजन के ईंधन स्विच को बंद करने का कदम उठाया.
क्या यह 'पायलट सुसाइड' या बड़ी चूक है?
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, उड़ान के दौरान फ्यूल कंट्रोल स्विच को बंद करना एक असामान्य और चरम कदम है. यह केवल तभी किया जाता है जब इंजन में आग लग गई हो या कोई बड़ी आपात स्थिति हो. इटैलियन मीडिया की इस रिपोर्ट ने अब "पायलट सुसाइड" या "गंभीर मानवीय भूल" (Pilot Error) की थ्योरी को हवा दे दी है. हालांकि, एयर इंडिया या भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने अभी तक इस विशिष्ट दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
जांच की वर्तमान स्थिति
हादसे के तुरंत बाद गठित की गई उच्च स्तरीय जांच समिति अभी भी डेटा की बारीकी से जांच कर रही है.
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ब्लैक बॉक्स का विश्लेषण: विमान के डेटा और वॉयस रिकॉर्डर को गहन विश्लेषण के लिए भेजा गया है ताकि कॉकपिट के भीतर की बातचीत और पायलटों के अंतिम फैसलों को समझा जा सके.
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तकनीकी पहलू: जांच दल यह भी देख रहा है कि क्या यह कोई मैकेनिकल फेलियर था जिसकी वजह से स्विच अपने आप बंद हो गए या सिस्टम ने गलत संकेत दिया.
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पायलट का प्रोफाइल: हादसे के वक्त विमान उड़ा रहे क्रू मेंबर्स के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के रिकॉर्ड की भी दोबारा समीक्षा की जा रही है.
आधिकारिक बयान का इंतजार
एयर इंडिया और संबंधित अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे अटकलों पर ध्यान न दें. एक आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, "विमानन दुर्घटनाओं की जांच एक जटिल प्रक्रिया है और विदेशी मीडिया की खबरों पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी. अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई स्पष्ट हो पाएगी."
यह खबर आने के बाद विमानन जगत में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि अगर यह दावा सच साबित होता है, तो यह विमान सुरक्षा के मानकों पर बड़े सवाल खड़े करेगा.