इस इस्लामिक देश की यात्रा पर हैं Air Chief Marshal Bhadauria, पाकिस्तान को लग सकती है मिर्ची

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की दो दिवसीय सद्भावना यात्रा पर गए वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर.के.एस. भदौरिया ने सोमवार को यूएई वायु सेना और एयर डिफेंस के कमांडर मेजर जनरल इब्राहिम नासिर एम. अल अलावी से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने यूएई के महत्वपूर्ण वायु रक्षा प्रतिष्ठानों का भी दौरा किया.

RKS Bhadauria (Photo Credits: PTI)

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की दो दिवसीय सद्भावना यात्रा पर गए वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर.के.एस. भदौरिया ने सोमवार को यूएई वायु सेना और एयर डिफेंस के कमांडर मेजर जनरल इब्राहिम नासिर एम. अल अलावी से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने यूएई के महत्वपूर्ण वायु रक्षा प्रतिष्ठानों का भी दौरा किया.

क्यों है यह यात्रा महत्वपूर्ण ?

फ्रांस से आ रहे लड़ाकू राफेल विमानों को हर बार मध्य हवा में ईंधन देने के लिए यूएई वायुसेना के प्रति आभार जताने के साथ ही दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सम्बंधों को और मजबूत करने के लिहाज से एयर चीफ मार्शल की यह यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इसी संबंध में एयर चीफ मार्शल भदौरिया ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में तेजी से हुई प्रगति को नोट किया. दोनों वायु सेनाओं के बीच मजबूत संबंधों को और मजबूत करने के उपायों की पहचान करने के लिए व्यापक बातचीत की. उन्होंने दो दिवसीय सद्भावना यात्रा के दौरान प्रमुख यूएई वायुसेना और एयर डिफेंस इकाइयों का भी दौरा किया.

रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी मजबूती

वायुसेना प्रमुख का यह दौरा दोनों देशों के बीच सहयोग और सद्भावना को भी दर्शाता है क्योंकि फ्रांस से लाए जा रहे लड़ाकू राफेल विमानों को हर बार मध्य हवा में ईंधन भरने की सुविधा यूएई वायुसेना की मदद से ही दी जाती है. भारतीय वायुसेना की ओर से हमेशा ही इस सहायता के लिए यूएई की सराहना की गई है. भारतीय वायुसेना और यूएई वायुसेना के बीच पिछले कुछ वर्षों में महत्वपूर्ण पेशेवर बातचीत हुई है. यह यात्रा दोनों पक्षों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के हिस्से के रूप में रक्षा सहयोग और वायु सेना के स्तर के आदान-प्रदान को और मजबूत करेगी. यह भी पढ़ें : झांसी रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर ‘वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन’ करना चाहती है उत्तर प्रदेश सरकार

वायुसेना प्रमुख की यह पहली सद्भावना यात्रा

इसी साल मार्च में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) वायुसेना की मेजबानी में दस देशों की वायु सेनाओं के बीच अल-दाफरा एयरबेस पर ”डेजर्ट फ्लैग” युद्धाभ्यास हुआ था. इस बहुराष्ट्रीय युद्ध अभ्यास में पहली बार भारतीय वायु सेना ने संयुक्त अरब अमीरात, संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस, सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया और बहरीन की वायु सेनाओं के साथ भाग लिया था. भारत और खाड़ी देशों के बीच बढ़ते सम्बंधों के बीच तीन सप्ताह तक चले इस हाई प्रोफाइल अभ्यास के बाद वायुसेना प्रमुख की यह पहली सद्भावना यात्रा है.

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