Rahul Gandhi Defamation Case: सुप्रीम कोर्ट से राहुल गांधी को बड़ी राहत, PM मोदी पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले के ट्रायल पर लगी रोक
सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को मानहानि के एक मामले में बड़ी राहत दी है. शीर्ष अदालत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई कथित टिप्पणियों से जुड़े आपराधिक मानहानि मुकदमे के ट्रायल पर रोक लगा दी है.
Rahul Gandhi Defamation Case: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को एक आपराधिक मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. शीर्ष अदालत ने उनके खिलाफ निचली अदालत में चल रही मानहानि की कार्यवाही और ट्रायल पर आगामी आदेशों तक रोक लगा दी है. यह मामला राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई कथित टिप्पणियों से जुड़ा हुआ है.
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने राहुल गांधी की उस याचिका पर यह अंतरिम आदेश पारित किया, जिसमें उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी. यह भी पढ़े: BJP Defamation Case: 7 जून को बेंगलुरु कोर्ट में पेश होंगे राहुल गांधी, मानहानि केस में अदालत ने दी सख्त चेतावनी
क्या है पूरा मामला
यह विवाद वर्ष 2018 के उस बयान से उपजा है, जिसमें राहुल गांधी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान राफेल सौदे को लेकर कथित तौर पर कुछ विवादास्पद शब्दों का इस्तेमाल किया था. इस बयान के खिलाफ महाराष्ट्र में भाजपा कार्यकर्ता महेश श्रीश्रीमाल ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि इन टिप्पणियों से प्रधानमंत्री के समर्थकों और शुभचिंतकों की भावनाएं आहत हुई हैं.
शिकायत के आधार पर अगस्त 2019 में मजिस्ट्रेट अदालत ने समन जारी किया था. इसके बाद राहुल गांधी ने इस समन और मानहानि की पूरी कार्यवाही को रद्द कराने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था. हालांकि, बॉम्बे हाईकोर्ट ने 8 सितंबर को उनकी याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
सुप्रीम कोर्ट का आदेश और अगली प्रक्रिया
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत के समक्ष कानूनी दलीलें रखीं. दोनों पक्षों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया.
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नोटिस जारी: अदालत ने महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता एम.एच. श्रीश्रीमाल को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है.
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ट्रायल पर रोक: सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि चार सप्ताह बाद अगली सुनवाई होने तक निचली अदालत में इस मामले की आगे की कार्यवाही और ट्रायल स्थगित रहेगा.
शीर्ष अदालत के इस अंतरिम फैसले से राहुल गांधी को फिलहाल बड़ी कानूनी राहत मिली है, और उन्हें तब तक व्यक्तिगत रूप से इस मामले की अदालतई प्रक्रियाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा जब तक कि इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं आ जाता.