सेन्यार ने बदला रास्ता लेकिन अब तबाही मचाने आ रहा चक्रवात दितवाह? IMD ने जारी किया अलर्ट
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स्ट्रेट ऑफ मलक्का में बने रेयर साइक्लोन सेन्यार के भारतीय तट से दूर हटने के बाद मौसम विभाग ने अब एक नए खतरे की चेतावनी जारी की है. दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना लो-प्रेशर क्षेत्र तेजी से मजबूत होकर डिप्रेशन से डीप डिप्रेशन में बदल चुका है और अगले कुछ घंटों में यह चक्रवात ‘दितवाह’ (Ditwah) का रूप ले सकता है. इसका सबसे अधिक प्रभाव तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में देखने को मिलेगा.

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि गुरुवार सुबह तक बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में बना मौसम तंत्र तेजी से उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ रहा है. IMD के अनुसार, यह डीप डिप्रेशन अगले 12 घंटों में एक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है. यदि ऐसा होता है, तो इसे मौजूदा नामकरण सूची के अनुसार चक्रवात ‘दितवाह’ कहा जाएगा.

IMD ने बताया कि यह सिस्टम श्रीलंका के तट से लगभग 150–170 किलोमीटर दूर है और लगातार तेजी से आगे बढ़ रहा है.

तमिलनाडु और चेन्नई में अलर्ट; कब और कहां पड़ेगा असर?

नए सिस्टम के बनते ही तमिलनाडु के कई जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इनमें शामिल हैं- चेन्नई, नागपट्टिनम, तिरुवल्लूर, तंजावुर, कडलूर, पुडुचेरी और आसपास के क्षेत्र.

IMD के अनुसार 27, 28 और 29 नवंबर को यहां भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाएं और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना है. तूफान आगे बढ़ते हुए उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी तट की ओर बढ़ेगा और फिर दक्षिण आंध्र प्रदेश को भी प्रभावित करेगा.

चक्रवात सेन्यार की स्थिति

मलेशिया के मौसम विभाग ने बताया कि सेन्यार वर्तमान में सुमात्रा (इंडोनेशिया) के पास है और इससे उत्तरी मलेशिया में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा है. कई मौसम विशेषज्ञों ने इसे “अति दुर्लभ” करार दिया है. सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर चर्चा तेज है. एक मौसम विशेषज्ञ ने लिखा, “यह स्ट्रेट ऑफ मलक्का में बना सबसे दुर्लभ चक्रवात है, जो इतिहास में पहली बार देखा जा रहा है.”

JTWC (अमेरिकी एजेंसी) के अनुसार, यह मलेशिया के पश्चिमी तट पर लैंडफॉल करने वाला पहला ट्रॉपिकल साइक्लोन भी बन सकता है.

भारत के लिए क्या मतलब है इस डबल सिस्टम का?

एक तरफ सेन्यार दूर चला गया है, लेकिन दूसरी तरफ दितवाह के बनने से दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश तेज हवाएं, समुद्री अशांति, निचले इलाकों में जलभराव, यातायात और बिजली सेवाओं में बाधाएं जैसी स्थिति बन सकती है. IMD लगातार अपडेट दे रहा है और तटीय इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.