Delhi HC on Rape Case: शादी का झांसा देकर रेप के आरोपी को दिल्ली हाईकोर्ट से नहीं मिली जमानत; 9 फर्जी प्रोफाइल्स पर कोर्ट ने कहा- 'मासूम लड़कियों का शिकारी'

दिल्ली हाईकोर्ट ने वैवाहिक वेबसाइट पर फर्जी पहचान बनाकर और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोपी व्यक्ति की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है. न्यायमूर्ति गिरीश कठपालिया की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए अभियोजन पक्ष के उस तर्क से सहमति जताई जिसमें आरोपी को प्रथम दृष्टया 'मासूम लड़कियों का शिकारी' करार दिया गया था.

Delhi High Court (Photo Credits: File Photo)

नई दिल्ली: शादी का झूठा वादा कर महिलाओं का शोषण करने और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भ्रामक पहचान बनाने के एक गंभीर मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. Bar and Bench की रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपी की जमानत याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उसका आचरण योजनाबद्ध तरीके से महिलाओं को फंसाने वाला नजर आता है.

न्यायमूर्ति गिरीश कठपालिया ने स्पष्ट किया कि कई फर्जी डिजिटल पहचानों का सहारा लेकर लड़कियों को अपने जाल में फंसाना सामान्य अपराध की श्रेणी से अलग है और ऐसे मामलों में राहत नहीं दी जा सकती. यह भी पढ़ें: Delhi Crime: दिल्ली के पश्चिम विहार में नाबालिग से दुष्कर्म; पड़ोस में रहने वाला आरोपी गिरफ्तार, POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज

मैट्रिमोनियल साइट पर 9 फर्जी प्रोफाइल: जांच में हुआ खुलासा

अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष विस्तृत डिजिटल साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिससे आरोपी के काम करने के तरीके (Modus Operandi) का पर्दाफाश हुआ:

'मासूम लड़कियों का शिकारी': अभियोजन और अदालत की टिप्पणी

सरकारी वकील ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए आरोपी को समाज के लिए बेहद खतरनाक बताया:

बचाव पक्ष के तर्क और कोर्ट का फैसला

आरोपी के वकील ने जमानत की मांग करते हुए अदालत में दलीलें रखीं:

अदालत ने अपराध की गंभीरता और मुकदमे के अंतिम दौर में होने को ध्यान में रखते हुए आरोपी को जमानत पर रिहा करने से इनकार कर दिया.

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