8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर 3.61, 3.833 या 4.00 होने पर कितनी होगी न्यूनतम बेसिक सैलरी? जानें कर्मचारी यूनियनों के प्रस्ताव और फॉर्मूला

8वें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स एसोसिएशनों ने महंगाई और बढ़ते जीवन यापन खर्च को देखते हुए 3.61 से लेकर 4.00 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग की है. यदि सरकार इन प्रस्तावों को स्वीकार करती है, तो लेवल-1 के कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन वर्तमान ₹18,000 से बढ़कर ₹65,000 से लेकर ₹72,000 प्रति माह तक पहुंच सकता है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pexels)

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन व पेंशन संशोधन के लिए गठित 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) के समक्ष कर्मचारी संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर को लेकर अपने विस्तृत प्रस्ताव सौंपे हैं. यूनियनों ने मुद्रास्फीति, स्वास्थ्य व्यय और जीवनयापन की बढ़ती लागत की भरपाई के लिए 3.61 से 4.00 के बीच फिटमेंट फैक्टर लागू करने की जोरदार वकालत की है.

यदि वेतन आयोग और केंद्र सरकार इन प्रस्तावों पर सहमति जताते हैं, तो केंद्र सरकार के कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन वर्तमान ₹18,000 से बढ़कर ₹65,000 से ₹72,000 प्रति माह तक पहुंच सकता है. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission Salary: फिटमेंट फैक्टर से तय होगी नई सैलरी, जानें अलग-अलग स्तरों पर कितना बढ़ सकता है बेसिक पे

विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर

अलग-अलग विभागों के कर्मचारी संघों ने अपनी गणना के आधार पर आयोग के समक्ष आंकड़े रखे हैं:

संगठन / यूनियन प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर अनुमानित न्यूनतम बेसिक पे (Level-1)
मिनिस्टेरियल स्टाफ एसोसिएशन (सर्वे ऑफ इंडिया) 3.61 ~₹65,000 (₹64,980)
नेशनल काउंसिल JCM (स्टाफ साइड) / भारत पेंशनर्स समाज 3.833 ~₹69,000
भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) 4.00 ~₹72,000

नोट: 3.61 और 4.00 के फिटमेंट फैक्टर के बीच लेवल-1 के न्यूनतम मूल वेतन में प्रति माह लगभग ₹7,020 का अंतर आता है.

कैसे काम करता है फिटमेंट फैक्टर? (Calculation Formula)

फिटमेंट फैक्टर एक समान गुणक (Multiplier) होता है, जिसका उपयोग मौजूदा वेतन मैट्रिक्स को नए वेतन आयोग के वेतनमान में बदलने के लिए किया जाता है.

क्षेत्रीय केंद्रों पर परामर्श जारी

न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले आयोग ने जयपुर, चंडीगढ़, पुडुचेरी और बेंगलुरु सहित देश के विभिन्न क्षेत्रीय केंद्रों में हितधारकों के साथ परामर्श का चरण तेज कर दिया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आयोग को वेतन संरचना, भत्ते, फिटमेंट फॉर्मूला और पेंशन सुधारों पर अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया है.

कब तक लागू हो सकता है नया फिटमेंट फैक्टर?

कर्मचारी यूनियनों द्वारा दिए गए ये आंकड़े मांग पत्र (Memorandum) का हिस्सा हैं, न कि सरकार का आधिकारिक निर्णय.

वेतन आयोग द्वारा अपनी अंतिम रिपोर्ट 2027 के मध्य तक सौंपे जाने की संभावना है. आयोग की सिफारिशों के मूल्यांकन के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने पर ही आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी. तब तक ये प्रस्तावित वेतन केवल सांकेतिक परिदृश्य हैं.

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