8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगी संगठनों के लिए बड़ी खबर, वेतन-पेंशन सिफारिशों के लिए बढ़ी अंतिम तारीख

आठवें केंद्रीय वेतन आयोग ने कर्मचारी संघों, संगठनों और पेंशनभोगी एसोसिएशनों के लिए अपनी मांगों व सुझावों का ज्ञापन सौंपने की समय सीमा को एक बार फिर बढ़ा दिया है. आयोग द्वारा जारी ताजा सर्कुलर के अनुसार, अब हितधारक 15 जून 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपनी प्रस्तुतियां ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं.

8वां वेतन आयोग (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली, 5 जून: देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों (Central Government Employees and Pensioners) के लिए आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ा एक बेहद महत्वपूर्ण प्रशासनिक अपडेट सामने आया है. आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) ने विभिन्न हितधारकों, कर्मचारी यूनियनों और पेंशनभोगी संगठनों के लिए अपने सुझाव, आपत्तियां और वेतन-पेंशन से संबंधित मांग पत्र सौंपने की समय सीमा को एक बार फिर आगे बढ़ा दिया है. आयोग द्वारा दी गई यह दूसरी समय-विस्तार (Extension) राहत है, जिससे कर्मचारी समूहों को पैनल के समक्ष अपनी मांगों को अधिक तार्किक और विस्तृत ढंग से रखने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा अपडेट, सुझाव दर्ज करने की तारीख 15 जून तक बढ़ी, जानें कर्मचारियों को कब तक मिलेगा संशोधित वेतन और एरियर

अब 15 जून तक सौंप सकेंगे ज्ञापन; केवल ऑनलाइन माध्यम ही मान्य

आयोग द्वारा जारी ताजा आधिकारिक सर्कुलर के अनुसार, आठवें केंद्रीय वेतन आयोग को ज्ञापन सौंपने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर अब 15 जून 2026 कर दिया गया है. सर्कुलर में यह भी साफ तौर पर रेखांकित किया गया है कि यह अंतिम समयसीमा (Final Timeline) है और इसके बाद किसी भी परिस्थिति में तारीख को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा.

इसके साथ ही, आयोग ने प्रलेखन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए एक सख्त गाइडलाइन जारी की है. इसके तहत सभी प्रकार के ज्ञापन और मांग पत्र केवल आयोग के आधिकारिक वेब पोर्टल 8cpc.gov.in के माध्यम से ही ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे. आयोग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी संगठन या व्यक्ति द्वारा भेजे गए हार्ड कॉपी (भौतिक दस्तावेज), ईमेल, डाक या पीडीएफ (PDF) प्रारूपों पर विचार नहीं किया जाएगा. गौरतलब है कि इससे पहले इस आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 31 मई 2026 किया गया था, जिसे अब दोबारा विस्तारित किया गया है.

देश भर में क्षेत्रीय परामर्श का दौर शुरू

समय सीमा में वृद्धि करने के साथ ही वेतन आयोग ने अपने काम की गति को और अधिक तेज कर दिया है. आयोग अब अपने काम के सबसे सक्रिय चरण में प्रवेश कर चुका है. इसके तहत पैनल ने देश के अलग-अलग हिस्सों और क्षेत्रों में जाकर स्थानीय कर्मचारी संगठनों, श्रमिक संघों, रेलवे व रक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधियों और सेवानिवृत्त कर्मचारी एसोसिएशनों के साथ सीधे संवाद और परामर्श की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

अब तक विभिन्न स्तरों पर कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बैठकें संपन्न हो चुकी हैं, जबकि क्षेत्रीय स्तर पर इन परामर्शों का सिलसिला लगातार जारी है. इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य आने वाले समय में केंद्रीय कर्मचारियों के मूल वेतन (Basic Pay), पेंशन सुरक्षा, विभिन्न भत्तों (Allowances), सेवानिवृत्ति लाभों और अन्य सेवा-संबंधी नियमों में किए जाने वाले संशोधनों पर जमीनी स्तर से सीधा फीडबैक प्राप्त करना है. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission 2026: लेवल-3 के कर्मचारियों को कितना मिलेगा बकाया (Arrears)? जानें अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर पर सैलरी का पूरा गणित

पेंशन और सेवानिवृत्ति सुरक्षा पर मुख्य फोकस

वर्तमान परिदृश्य में आठवें वेतन आयोग की यह कवायद केवल भविष्य में होने वाली वेतन वृद्धि तक ही सीमित नहीं रह गई है. कर्मचारी यूनियनों और पेंशनभोगियों के बीच यह चर्चा अब मुख्य रूप से बुढ़ापे की लाठी यानी पेंशन, सेवानिवृत्ति सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा के इर्द-गिर्द केंद्रित हो गई है.  कर्मचारी संघ लगातार सरकार से जीवनयापन की बढ़ती लागत और महंगाई के अनुपात में न्यायसंगत फिटमेंट फैक्टर और एक सुरक्षित व निश्चित पेंशन प्रणाली की मांग कर रहे हैं, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों का भविष्य आर्थिक रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर बना रहे.

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