6 Years Of PM SVANidhi: कोविड संकट से उबरकर कैसे आत्मनिर्भर बने लाखों रेहड़ी-पटरी विक्रेता
कोविड-19 महामारी के बाद आर्थिक पुनरुद्धार की दिशा में PM SVANidhi योजना को सरकार की सबसे सफल सामाजिक-आर्थिक पहलों में से एक माना जा रहा है, जिसने लाखों छोटे व्यापारियों को न केवल वित्तीय सहायता दी, बल्कि उन्हें डिजिटल अर्थव्यवस्था से भी जोड़ा.
6 Years Of PM SVANidhi: प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) योजना 1 जून 2026 को अपने छह वर्ष पूरे करने जा रही है. कोविड-19 महामारी के दौरान आजीविका संकट का सामना कर रहे लाखों रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना ने बीते छह वर्षों में असंगठित क्षेत्र को नई ऊर्जा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. PM Modi Mann Ki Baat: 'मन की बात' में पीएम मोदी की अपील, भीषण गर्मी में खुद को रखें हाइड्रेटेड, 'देसी ड्रिंक्स' और क्षेत्रीय आमों की तारीफ की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 जून 2020 को इस योजना की शुरुआत की थी. इसका उद्देश्य महामारी से प्रभावित स्ट्रीट वेंडर्स को बिना किसी गारंटी के कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराना था, ताकि वे अपने छोटे व्यवसायों को दोबारा शुरू कर सकें और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें.
पिछले छह वर्षों में PM SVANidhi योजना ने देश के असंगठित क्षेत्र को मजबूती प्रदान की है और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देकर आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1.12 करोड़ से अधिक ऋण वितरित किए जा चुके हैं.
आधिकारिक बयान के मुताबिक, 75.5 लाख से अधिक लाभार्थियों ने 17,800 करोड़ रुपये से ज्यादा के कुल 1.12 करोड़ ऋण प्राप्त किए हैं. वहीं, 55 लाख से अधिक लाभार्थियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है.
योजना के तहत लाभार्थियों ने अब तक 841 करोड़ से अधिक डिजिटल लेनदेन किए हैं, जिनका कुल मूल्य लगभग 8.96 लाख करोड़ रुपये रहा है. यह आंकड़ा दर्शाता है कि स्ट्रीट वेंडर्स तेजी से डिजिटल भुगतान प्रणाली को अपना रहे हैं.
सरकार के अनुसार, PM SVANidhi के लाभार्थियों को डिजिटल कैशबैक प्रोत्साहन और ब्याज सब्सिडी के रूप में करीब 800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ भी मिला है. इस योजना से हुए आर्थिक लाभ का सकारात्मक प्रभाव लाभार्थियों के जीवन स्तर पर भी पड़ा है. इससे बेहतर आवास, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा तक पहुंच में सुधार देखने को मिला है.
PM SVANidhi योजना ने सामाजिक समावेशन को भी बढ़ावा दिया है. योजना के करीब 46 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं, जो महिलाओं की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है. वहीं लगभग 70 प्रतिशत लाभार्थी वंचित और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों से आते हैं.
योजना के तहत तीन चरणों में ऋण उपलब्ध कराया जाता है. पहले चरण में 10,000 रुपये का ऋण दिया जाता है. पहली किस्त का सफलतापूर्वक भुगतान करने पर दूसरे चरण में 20,000 रुपये का ऋण मिलता है. इसके बाद दूसरी किस्त चुकाने पर तीसरे चरण में 50,000 रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाता है.
केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष इस योजना की अवधि बढ़ाने और ऋण व्यवस्था के पुनर्गठन को मंजूरी दी थी. अब यह योजना वर्ष 2030 तक जारी रहेगी. 7,332 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय वाली इस विस्तारित योजना से 11.5 मिलियन लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिनमें लगभग 50 लाख नए लाभार्थी भी शामिल होंगे.
कोविड-19 महामारी के बाद आर्थिक पुनरुद्धार की दिशा में PM SVANidhi योजना को सरकार की सबसे सफल सामाजिक-आर्थिक पहलों में से एक माना जा रहा है, जिसने लाखों छोटे व्यापारियों को न केवल वित्तीय सहायता दी, बल्कि उन्हें डिजिटल अर्थव्यवस्था से भी जोड़ा.