मुंबई: देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान 'भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) (Indian Institute of Technology) बॉम्बे' ने अपने पवई स्थित परिसर (कैंपस) में सुरक्षा, स्वच्छता और पशु कल्याण के बीच संतुलन बनाने के लिए एक नई नियमावली जारी की है. संस्थान के पब्लिक हेल्थ ऑफिस (जन स्वास्थ्य कार्यालय) द्वारा जारी इन नई गाइडलाइंस के तहत, कैंपस के भीतर आवारा कुत्तों और बिल्लियों को भोजन कराने के लिए केवल 19 विशिष्ट स्थान (Designated Spots) निर्धारित किए गए हैं. संस्थान ने यह कड़ा कदम हाल ही में परिसर में हुई वन्यजीव संबंधी घटनाओं के बाद उठाया है, जिसमें कथित तौर पर एक तेंदुआ आवासीय क्षेत्र से एक आवारा कुत्ते को उठाकर ले गया था. यह भी पढ़ें: Who Is Edward Nathan Varghese: कौन हैं एडवर्ड नाथन वर्गीज़? जानें 21 वर्षीय IIT हैदराबाद छात्र के बारे में जिन्हें US की एक कंपनी में मिला ₹2.5 करोड़ का जॉब ऑफर
क्यों पड़ी भोजन के लिए 19 स्थान तय करने की आवश्यकता?
IIT बॉम्बे का विशाल परिसर संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान (SGNP) की पहाड़ियों और जंगलों के काफी करीब स्थित है. इस भौगोलिक स्थिति के कारण कैंपस के भीतर वन्यजीवों (विशेषकर तेंदुओं) और इंसानों या आवारा पशुओं के बीच आमना-सामना होने की घटनाएं पहले भी रिपोर्ट की जा चुकी हैं.
हाल ही में तेंदुए द्वारा रिहायशी इलाके से कुत्ते का शिकार करने की घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए यह नीति बनाई है. प्रशासन का मानना है कि खुले में या हॉस्टल के कमरों के बाहर भोजन डालने से आवारा पशु एक जगह एकत्रित होते हैं, जिससे तेंदुए जैसे शिकारी जीवों के आबादी वाले क्षेत्रों में आने का खतरा बढ़ जाता है. नए नियमों के तहत हॉस्टल परिसर सहित किसी भी अन्य सार्वजनिक स्थान पर पशुओं को खाना खिलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है.
बाहरी लोगों और डिलीवरी पार्टनर्स पर रोक; उल्लंघन पर भारी जुर्माना
नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए संस्थान ने केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही इन 19 स्थानों पर भोजन कराने की अनुमति दी है. परिसर में रहने वाले छात्र, फैकल्टी मेंबर्स, स्टाफ, निवासी और संस्थान द्वारा अधिकृत पशु प्रबंधन एजेंसी ही आवारा पशुओं को भोजन दे सकेंगे.
कैंपस में आने वाले बाहरी आगंतुकों (विजिटर्स), जोमैटो-स्विगी जैसे डिलीवरी पार्टनर्स और कॉन्ट्रैक्ट (ठेका) पर काम करने वाले मजदूरों के पशुओं को खाना खिलाने पर पूरी तरह रोक है. यदि कोई बाहरी व्यक्ति इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसका एंट्री पास रद्द कर दिया जाएगा और परिसर में उसके प्रवेश पर स्थायी प्रतिबंध लगा दिया जाएगा.
नियमों का उल्लंघन करने वाले आंतरिक निवासियों पर भारी वित्तीय दंड का प्रावधान किया गया है:
- पहली बार उल्लंघन पर: ₹10,000 का जुर्माना.
- दूसरी या बार-बार उल्लंघन पर: ₹25,000 का जुर्माना और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई.
पशु क्रूरता पर तुरंत निष्कासन और कानूनी कार्रवाई
जहाँ एक तरफ सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ पशु कल्याण और सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है. नए दिशानिर्देशों के अनुसार, आवारा पशुओं को सड़ा हुआ, बासी या दूषित भोजन देना प्रतिबंधित है.
संस्थान ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति किसी जानवर को जहर देता है या कोई हानिकारक पदार्थ खिलाता है, तो इसे बेहद गंभीर कदाचार (Grave Misconduct) माना जाएगा. ऐसा करने वाले व्यक्ति को संस्थान के आवासीय परिसरों से तुरंत निष्कासित (Debar) कर दिया जाएगा और उसके खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कानूनी कार्यवाही शुरू की जाएगी.
पालतू जानवरों (Pets) के लिए भी बदले नियम
कैंपस के भीतर अपने निजी पालतू जानवरों के साथ रहने वाले स्टाफ और प्रोफेसरों के लिए भी नए नियम जारी किए गए हैं. सभी मालिकों के लिए अपने पालतू जानवरों का पंजीकरण (Registration) स्थानीय नागरिक निकाय (बीएमसी) के पोर्टल पर कराना अनिवार्य कर दिया गया है.
इसके साथ ही, नए नियमों के तहत पालतू कुत्तों को कैंपस की शैक्षणिक इमारतों (Academic Buildings), क्लासरूम और प्रयोगशालाओं के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं होगी, भले ही वे पट्टे (Leash) से बंधे हों या उनके मुंह पर मजल (Muzzle) लगा हो. आईआईटी बॉम्बे प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि इन उपायों से एक बड़े आवासीय शैक्षणिक संस्थान की सुरक्षा, साफ-सफाई और जीव-जंतुओं के सह-अस्तित्व में एक सही समन्वय स्थापित हो सकेगा.













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