Maharashtra FDA: शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को महाराष्ट्र एफडीए का नोटिस, विमल इलायची के विज्ञापन पर बढ़ी मुश्किलें
यह नोटिस महाराष्ट्र एफडीए की व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है. हाल के महीनों में विभाग ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन, दूध और खाद्य पदार्थों में मिलावट, स्कूलों के पास अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों की बिक्री और प्रतिबंधित गुटखा व तंबाकू युक्त पान मसाला के निर्माण तथा वितरण के खिलाफ कई अभियान चलाए हैं.
Maharashtra FDA: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है. एफडीए का आरोप है कि यह विज्ञापन प्रतिबंधित विमल पान मसाला का अप्रत्यक्ष (सरोगेट) प्रचार करता है. यह कार्रवाई राज्य में गुटखा और तंबाकू युक्त पान मसाला के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है. Maharashtra FDA Action: महाराष्ट्र एफडीए की बड़ी कार्रवाई, गंभीर गंदगी और कीट संक्रमण मिलने पर ब्लिंकिट, ज़ेप्टो और इंस्टामार्ट के 14 लाइसेंस निलंबित
तीनों अभिनेताओं को भेजा गया नोटिस
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजय देवगन को उनके जुहू स्थित आवास पर, शाहरुख खान को बांद्रा स्थित उनके घर 'मन्नत' पर और टाइगर श्रॉफ को उनकी कंपनी टाइगर श्रॉफ प्रोडक्शंस एलएलपी के जरिए नोटिस भेजा गया है. एफडीए ने अभिनेताओं से विज्ञापन में उनकी भूमिका को लेकर जवाब मांगा है.
सरोगेट विज्ञापन का आरोप
एफडीए का कहना है कि पहली नजर में यह विज्ञापन विमल ब्रांड को बढ़ावा देता है, जिसकी पहचान मुख्य रूप से पान मसाला से जुड़ी है. महाराष्ट्र में 13 जुलाई 2026 से जारी खाद्य सुरक्षा आयुक्त के आदेश के तहत विमल पान मसाला के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक वर्ष के लिए प्रतिबंध लगाया गया है. नोटिस में कहा गया है कि विमल इलायची का प्रचार प्रतिबंधित पान मसाला ब्रांड से अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ाव बनाता है और इसे सरोगेट विज्ञापन माना जा सकता है.
FSS Act की इन धाराओं का दिया हवाला
महाराष्ट्र एफडीए ने इस मामले में खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम (FSS Act), 2006 की धारा 24 का हवाला दिया है, जो खाद्य उत्पादों से जुड़े भ्रामक और गुमराह करने वाले विज्ञापनों पर रोक लगाती है. इसके अलावा धारा 53 का भी उल्लेख किया गया है, जिसके तहत भ्रामक खाद्य विज्ञापन प्रकाशित करने या उससे जुड़े लोगों पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
राज्यभर में चल रहा है एफडीए का अभियान
यह नोटिस महाराष्ट्र एफडीए की व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है. हाल के महीनों में विभाग ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन, दूध और खाद्य पदार्थों में मिलावट, स्कूलों के पास अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों की बिक्री और प्रतिबंधित गुटखा व तंबाकू युक्त पान मसाला के निर्माण तथा वितरण के खिलाफ कई अभियान चलाए हैं. एफडीए ने राज्यभर में निरीक्षण तेज कर दिए हैं और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है.