Madhya Pradesh: सरकारी स्कूल में दिखाई गई रणवीर सिंह की 'A' सर्टिफिकेट फिल्म 'धुरंधर'; जांच शुरू, सीएम हेल्पलाइन में शिकायत
मध्य प्रदेश के मैहर जिले के एक सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छात्रों को स्मार्ट टीवी बोर्ड पर एडल्ट 'A' सर्टिफाइड फिल्म 'धुरंधर' दिखाए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं.
मैहर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मैहर जिले में स्थित एक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (Government Higher Secondary School) में शैक्षणिक कार्य के लिए लगाए गए स्मार्ट टीवी बोर्ड पर छात्रों को 'ए' (Adults Only) सर्टिफिकेट प्राप्त बॉलीवुड फिल्म दिखाए जाने का मामला सामने आया है.
बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह स्टारर एक्शन फिल्म 'धुरंधर' दिखाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय निवासियों और अभिभावकों ने भारी नाराजगी जताई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने राज्य सरकार की सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) पर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. यह भी पढ़ें: Ranveer Singh Film Dhurandhar 2: रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ विवादों में, सिख समुदाय ने पोस्टर को लेकर मुंबई पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
स्मार्ट क्लासरूम का मनोरंजन के लिए इस्तेमाल
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना 31 जुलाई की है. डिजिटल लर्निंग और आधुनिक अध्यापन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार द्वारा स्कूल की कक्षा में एलईडी स्मार्ट बोर्ड (LED Smart Board) स्थापित किया गया था.
वायरल हुए वीडियो क्लिप में विभिन्न कक्षाओं के छात्र डिजिटल डिस्प्ले पर एक्शन फिल्म के दृश्य देखते नजर आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि जब कक्षा में बच्चों को यह एडल्ट-सर्टिफाइड फिल्म दिखाई जा रही थी, उस समय एक अतिथि शिक्षक (Guest Teacher) भी वहां मौजूद था.
ग्रामीणों की शिकायत और प्रशासन का रुख
वीडियो सामने आने के बाद गांव के लोगों और अभिभावकों में आक्रोश फैल गया. ग्रामीणों ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत में कहा कि सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च कर बच्चों की पढ़ाई के लिए दी गई डिजिटल अधोसंरचना का इस प्रकार दुरुपयोग करना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है.
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि शैक्षणिक परिसर के भीतर गैर-शैक्षणिक और व्यस्क सामग्री प्रदर्शित करने से स्कूल का शैक्षणिक माहौल और बच्चों की मानसिकता प्रभावित होती है.
जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने दिए जांच के आदेश
मामला तूल पकड़ने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सलोनी शर्मा ने पुष्टि की कि घटना उनके संज्ञान में आ चुकी है.
डीईओ सलोनी शर्मा के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दे दिए गए हैं. जांच रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 06, 2026 01:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

