Mere Husband Ki Biwi Review: 'मेरे हसबैंड की बीवी' में कॉमेडी, रोमांस और ड्रामा, लेकिन क्या दर्शकों को पसंद आएगी यह फिल्म?
मुदस्सर अजीज की रोमांटिक कॉमेडी 'मेरे हसबैंड की बीवी' आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. अर्जुन कपूर, भूमि पेडनेकर और रकुल प्रीत सिंह स्टारर इस फिल्म से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन क्या यह उन पर खरी उतरी?
Mere Husband Ki Biwi Review: मुदस्सर अजीज, जो 'पति पत्नी और वो' और 'हैप्पी भाग जाएगी' जैसी रोमांटिक कॉमेडी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं, इस बार 'मेरे हसबैंड की बीवी' लेकर आए हैं. अर्जुन कपूर, भूमि पेडनेकर और रकुल प्रीत सिंह स्टारर यह फिल्म आज 21 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई. फिल्म से दर्शकों को रोमांस, ड्रामा और मनोरंजन की उम्मीद थी, लेकिन क्या यह उन पर खरी उतरी? क्या मुदस्सर अजीज एक और हिट फिल्म देने में कामयाब रहे? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए आइए करते हैं इस फिल्म का रिव्यू. Mere Husband Ki Biwi Trailer Out: अर्जुन कपूर, भूमि पेडनेकर और रकुल प्रीत सिंह स्टारर 'मेरे हसबैंड की बीवी' का ट्रेलर रिलीज, 21 फरवरी को सिनेमाघरों में देगी दस्तक (Watch Video)
फिल्म की कहानी
फिल्म की कहानी अंकुर चड्ढा (अर्जुन कपूर) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी पूर्व पत्नी परवीन (भूमि पेडनेकर) के भूतिया सपने देखता है. बिजनेस डील के सिलसिले में ऋषिकेश पहुंचने पर उसकी मुलाकात कॉलेज क्रश अंतरा (रकुल प्रीत सिंह) से होती है. अंतरा अंकुर के अतीत के बारे में जानना चाहती है, लेकिन जब उसे उसकी पूर्व पत्नी की कहानी पता चलती है, तो वह दूरी बनाने लगती है. इसी बीच, अंतरा के भाई (डीनो मोरिया) की एंट्री होती है. कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब परवीन का एक्सीडेंट होता है और वह अपनी आधी याददाश्त खो बैठती है, जिससे वह फिर से अंकुर की जिंदगी में लौटना चाहती है. अब अंकुर किसका हाथ थामेगा? यह जानने के लिए फिल्म देखनी होगी.
अभिनय और निर्देशन
अर्जुन कपूर एक्टिंग के मामले में एक बार फिर कमजोर नजर आए, उनकी परफॉर्मेंस में कोई नयापन नहीं दिखा. दमदार अभिनेत्री होने के बावजूद भूमि पेडनेकर ने इस फिल्म में निराश किया, उनका पंजाबी टोन भी फेक लगा. वहीं, रकुल प्रीत सिंह की स्क्रीन प्रेजेंस अच्छी रही और उनकी एक्टिंग भी ठीक-ठाक थी. लेकिन सबसे ज्यादा इंप्रेस किया डीनो मोरिया ने, जिनका कैमियो शानदार था. उनकी स्क्रीन प्रजेंस और डायलॉग डिलीवरी बेहतरीन रही.
मुदस्सर अजीज का निर्देशन औसत है. फिल्म की कहानी में नयापन नहीं है और स्क्रीनप्ले कमजोर है.
देखें 'मेरे हसबैंड की बीवी' का ट्रेलर:
म्यूजिक और डायलॉग्स
फिल्म के गाने यादगार नहीं हैं. 'गोरी हैं कलाइयां' एक अच्छा गाना है जिसे शानदार तरीके से रिमेक किया गया है साथ ही इसे प्रमोशनल सॉन्ग के रूप में इस्तेमाल किया गया है, जो फिल्म के अंत में चलता है. डायलॉग्स में कोई दम नहीं है, केवल कुछ हल्के-फुल्के सीन्स हंसाने में कामयाब होते हैं.
फाइनल वर्डिक्ट:
'मेरे हसबैंड की बीवी' एक साधारण रोमांटिक ड्रामा है, जिसमें न कहानी में गहराई है और न ही किरदारों में मजबूती. अगर आप हल्की-फुल्की ड्रामा फिल्में पसंद करते हैं, तो इसे एक बार देख सकते हैं, वरना ओटीटी पर आने का इंतजार करें.