'Rise and Fall की जीत के बाद अर्जुन बिजलानी ने साझा किए अपने अनुभव, कहा- हर गिरावट दोबारा उठने का मौका होती है
टेलीविजन की दुनिया का जाना-पहचाना चेहरा, अर्जुन बिजलानी हाल ही में एक नए अंदाज में दर्शकों के सामने आए. मशहूर बिजनेस पर्सनालिटी अशनीर ग्रोवर द्वारा प्रस्तुत रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल' में अर्जुन ने न सिर्फ खुद को एक मजबूत खिलाड़ी के तौर पर साबित किया, बल्कि शो के अंत में विजेता बनकर उभरे. इस शो की खास बात यह थी कि इसमें कंटेस्टेंट्स को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा.
मुंबई, 17 अक्टूबर : टेलीविजन की दुनिया का जाना-पहचाना चेहरा, अर्जुन बिजलानी हाल ही में एक नए अंदाज में दर्शकों के सामने आए. मशहूर बिजनेस पर्सनालिटी अशनीर ग्रोवर द्वारा प्रस्तुत रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल' में अर्जुन ने न सिर्फ खुद को एक मजबूत खिलाड़ी के तौर पर साबित किया, बल्कि शो के अंत में विजेता बनकर उभरे. इस शो की खास बात यह थी कि इसमें कंटेस्टेंट्स को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा. शो के दौरान अर्जुन ने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अंत में सभी के दिल जीतते हुए ट्रॉफी अपने नाम की.
आईएएनएस के साथ एक खास बातचीत में अर्जुन बिजलानी ने खुलासा किया कि उन्होंने शो के तनाव भरे माहौल में मानसिक संतुलन कैसे बनाए रखा. उन्होंने कहा, "जब मैं शो में गया, तो अपने साथ अपनी पत्नी नेहा और बेटे अयान की एक फोटो लेकर गया था. वही फोटो मेरी हिम्मत और भावनात्मक सहारा रही. भगवान गणेश में भी मेरी गहरी आस्था है. हर सुबह मैं जल्दी उठकर भगवान का नाम लेता था और खुद से वादा करता था कि मैं कोई ऐसा काम नहीं करुंगा जिससे बाद में मुझे पछताना पड़े." अर्जुन ने मुस्कुराते हुए कहा कि आज वह गर्व से कह सकते हैं कि उन्होंने पूरे शो में ऐसा कुछ नहीं किया जिससे उन्हें अफसोस हो. यह भी पढ़ें : Indian Stock Market: भारतीय शेयर बाजार दीपावली से पहले 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर पर बंद, सेंसेक्स 484 अंक बढ़ा
आईएएनएस ने जब उनसे पूछा कि क्या उन्होंने शो के दौरान कभी तनाव महसूस किया, तो अर्जुन ने ईमानदारी से जवाब देते हुए बताया कि लगभग दस दिन बाद से उन्होंने अपने परिवार को बहुत मिस करना शुरू कर दिया था. खासकर अपने बेटे अयान की याद उन्हें बहुत सताती थी. वह सोचते रहते थे कि अयान क्या कर रहा होगा, घर पर सब ठीक तो होगा या नहीं. इस भावनात्मक दूरी ने उन्हें थोड़ा परेशान किया. उन्होंने कहा, ''शो में भाग लेने वाले अधिकतर प्रतियोगियों को अजीब-अजीब सपने आते थे और यह मेरे साथ भी होता था. यह शो एक ऐसा रियलिटी शो था, जहां बाहर की दुनिया से कोई संपर्क नहीं होता, ऐसे में मानसिक रूप से मजबूत रहना एक बड़ी चुनौती बन जाता है.''
हालांकि अर्जुन ने यह भी कहा कि शो में सिर्फ तनाव ही नहीं था, बल्कि बहुत-सी खूबसूरत यादें भी जुड़ी हुई हैं. कुछ पल ऐसे थे जिन्होंने इस पूरी यात्रा को बेहद खास बना दिया. उन्होंने यह सफर दिल से तय किया. उन्होंने बताया कि उन्होंने केवल चुनौतियों के समय रणनीति अपनाई, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर वह पूरे समय सच्चे और ईमानदार बने रहे. अर्जुन का मानना है कि यह ईमानदारी और अपनी बात पर कायम रहना ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही, जिसने उन्हें न सिर्फ दर्शकों बल्कि साथ खेलने वाले प्रतियोगियों के बीच भी एक अलग पहचान दिलाई.
'राइज एंड फॉल' की जीत पर आईएएनएस से बात करते हुए अर्जुन ने कहा कि यह सिर्फ एक शो नहीं था, बल्कि एक जीवन अनुभव था. उन्होंने कहा, '''राइज एंड फॉल' ने यह साबित किया कि हर गिरावट सिर्फ दोबारा उठने का एक मौका है. यह सफर आसान नहीं था. हर दिन एक नई चुनौती, एक नई सीख और आगे बढ़ने की एक नई वजह लेकर आता था. तनाव, टकराव, दोस्ती और प्रतियोगिता, इस शो में सब कुछ था, जिसने मुझे एक व्यक्ति के तौर पर भी परखा और संवारा.''
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 17, 2025 04:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

