White-Collar Hiring: अगस्त में व्हाइट-कॉलर नौकरियों में 14% की जोरदार वृद्धि; हैदराबाद और कोलकाता रहे सबसे आगे, जानें किस पायदान पर रहा मुंबई
भारतीय जॉब मार्केट में व्हाइट-कॉलर नौकरियों के लिए अगस्त का महीना काफी सकारात्मक रहा है. नौकरी डॉट कॉम की प्रमुख 'जॉबस्पीक' रिपोर्ट के अनुसार, ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर और रिटेल सेक्टर में मजबूत मांग के दम पर अगस्त में व्हाइट-कॉलर भर्तियों में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई. समग्र नौकरी जॉबस्पीक इंडेक्स पिछले साल के 2,664 से उछलकर 3,028 के स्तर पर पहुंच गया। महानगरों की बात करें तो 23% की बढ़त के साथ हैदराबाद शीर्ष पर रहा, जबकि कोलकाता ने 22% की वृद्धि दर्ज की.
नई दिल्ली: देश के जॉब मार्केट में पेशेवर और व्हाइट-कॉलर पदों पर भर्तियों के लिहाज से अगस्त का महीना उत्साहजनक रहा. ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर और रिटेल क्षेत्रों में नई नियुक्तियों की मजबूत मांग के चलते अगस्त में व्हाइट-कॉलर हायरिंग में सालाना आधार पर (Year-on-Year) 14 प्रतिशत की ठोस वृद्धि दर्ज की गई है.
इन्फो एज (Info Edge) के प्रमुख जॉब पोर्टल नौकरी डॉट कॉम द्वारा जारी मासिक Naukri JobSpeak रिपोर्ट के अनुसार, कुल हायरिंग इंडेक्स अगस्त में चढ़कर 3,028 पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 2,664 के स्तर पर था. यह मासिक सूचकांक प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की जाने वाली नई नौकरियों और रिक्रूटर्स की सर्च एक्टिविटी के आधार पर रोजगार के रुझानों का आकलन करता है.
ऑटो और हेल्थकेयर सेक्टर ने किया सबसे बेहतर प्रदर्शन
अगस्त महीने के दौरान आईटी और नॉन-आईटी दोनों क्षेत्रों में नियुक्तियों का रुझान सकारात्मक रहा:
- ऑटोमोबाइल क्षेत्र शीर्ष पर: सबसे अधिक वृद्धि ऑटोमोबाइल सेक्टर में देखी गई, जहां सालाना आधार पर भर्तियों में 19 प्रतिशत का उछाल आया.
- हेल्थकेयर और रिटेल में मजबूती: हेल्थकेयर सेक्टर में 16 प्रतिशत और रिटेल सेक्टर में 15 प्रतिशत की दर से नई नौकरियां सृजित हुईं.
- अन्य प्रमुख उद्योग: बीमा (Insurance) क्षेत्र में 12%, आईटी में 11%, बैंकिंग और एफएमसीजी में 10-10%, जबकि बीपीओ/आईटीईएस, ऑयल एंड गैस और रियल एस्टेट में 8-8% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई.
- इन क्षेत्रों में रही गिरावट: फार्मा और बायोटेक क्षेत्र में भर्तियां स्थिर रहीं, जबकि हॉस्पिटैलिटी व ट्रैवल में 4% तथा शिक्षा (Education) क्षेत्र में 8% की गिरावट देखने को मिली.
फ्रेशर्स से लेकर सीनियर प्रोफेशनल्स तक सभी स्तरों पर मौके
रिपोर्ट के अनुसार, हायरिंग का यह सकारात्मक रुख अनुभव के लगभग सभी स्तरों (Experience Bands) पर दिखाई दिया:
- फ्रेशर्स (0 से 3 वर्ष): करियर की शुरुआत कर रहे फ्रेशर्स के लिए अवसरों में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई.
- मिड-लेवल प्रोफेशनल्स (4 से 7 वर्ष): इस वर्ग में भर्तियों की दर 10% बढ़ी.
- सीनियर व लीडरशिप रोल्स: 8 से 12 वर्ष के अनुभवी पेशेवरों की मांग में 16%, 13 से 16 वर्ष के अनुभव वालों के लिए 18% और 16 वर्ष से अधिक अनुभव वाले वरिष्ठ अधिकारियों के पदों में 13% का इजाफा दर्ज हुआ.
महानगरों में हैदराबाद और कोलकाता अव्वल, मुंबई रहा पीछे
क्षेत्रीय स्तर पर बड़े शहरों के प्रदर्शन में काफी भिन्नता देखने को मिली:
- महानगरों की स्थिति: महानगरों में तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद 23 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ सबसे आगे रही। इसके बाद कोलकाता में 22 प्रतिशत और चेन्नई में 20 प्रतिशत की दर से भर्तियां बढ़ीं.
- बेंगलुरु और पुणे: देश के दोनों प्रमुख टेक हब बेंगलुरु और पुणे में 14-14 प्रतिशत की समान वृद्धि देखी गई, जबकि दिल्ली-एनसीआर में यह आंकड़ा 10 प्रतिशत रहा.
- मुंबई की सुस्त रफ्तार: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई मात्र 7 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ प्रमुख महानगरों में सबसे निचले पायदान पर रही.
- उभरते (टियर-2) शहरों में उछाल: छोटे और उभरते शहरों में कंपनियों ने तेजी से विस्तार किया है. भुवनेश्वर में सबसे अधिक 32%, रायपुर में 23%, सूरत में 21% और रांची में 19% की मजबूत हायरिंग ग्रोथ दर्ज की गई.
त्योहारी सीजन में और स्पष्ट होंगे जमीनी रुझान
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि अगस्त के इन आंकड़ों को त्योहारी कैलेंडर में आए बदलाव के संदर्भ में भी समझा जाना चाहिए. पिछले वर्ष त्योहारी सीजन का एक बड़ा हिस्सा अगस्त में पड़ा था, जबकि इस बार यह मुख्य रूप से सितंबर और उसके बाद की तिमाही में स्थानांतरित हुआ है.
इन्फो एज (इंडिया) लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (MD & CEO) हितेश ओबेरॉय ने कहा कि त्योहारी तिमाही आगे बढ़ने के साथ ही रोजगार बाजार के अंतर्निहित और स्थायी रुझान की अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी.