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स्वचालित गणक मशीन (ATM) क्या है? जानें इसके कार्य करने का तरीका और महत्व

स्वचालित गणक मशीन या एटीएम (ATM) आधुनिक बैंकिंग का एक अनिवार्य हिस्सा है. यह लेख सरल भाषा में समझाता है कि एटीएम क्या है, यह कैसे काम करता है और वित्तीय लेनदेन में इसकी क्या भूमिका है.

स्वचालित गणक मशीन (ATM) क्या है? जानें इसके कार्य करने का तरीका और महत्व

स्वचालित गणक मशीन, जिसे आमतौर पर एटीएम (ATM) कहा जाता है, एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक दूरसंचार उपकरण है जो ग्राहकों को बैंक प्रतिनिधि या कैशियर की मदद के बिना वित्तीय लेनदेन करने की अनुमति देता है. वर्तमान डिजिटल युग में, एटीएम ने बैंकिंग सेवाओं को 24/7 सुलभ बना दिया है, जिससे नकदी निकालने और जमा करने जैसी प्रक्रियाएं बेहद सरल हो गई हैं.

एटीएम का इतिहास और विकास

एटीएम का आविष्कार 1960 के दशक में हुआ था. दुनिया का पहला एटीएम 27 जून, 1967 को लंदन में बार्कलेज बैंक की एक शाखा में लगाया गया था, जिसका आविष्कार जॉन शेफर्ड-बैरन ने किया था. भारत में पहला एटीएम 1987 में एचएसबीसी (HSBC) बैंक द्वारा मुंबई में स्थापित किया गया था. तब से लेकर अब तक, एटीएम तकनीक में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं और अब ये केवल नकदी निकालने तक सीमित नहीं रहे हैं.

यह मशीन कैसे काम करती है?

एटीएम मुख्य रूप से एक डेटा टर्मिनल है जिसके दो इनपुट और चार आउटपुट डिवाइस होते हैं. जब आप अपना कार्ड मशीन में डालते हैं, तो यह कार्ड के पीछे लगी चुंबकीय पट्टी (Magnetic Stripe) या चिप से आपकी जानकारी पढ़ता है.

इनपुट डिवाइस: इसमें कीपैड (पिन दर्ज करने के लिए) और कार्ड रीडर शामिल हैं.

आउटपुट डिवाइस: इसमें स्क्रीन (निर्देश दिखाने के लिए), कैश डिस्पेंसर (नकदी निकालने के लिए), रसीद प्रिंटर और स्पीकर होते हैं.

मशीन एक सुरक्षित नेटवर्क के माध्यम से बैंक के मुख्य सर्वर से जुड़ती है और आपके खाते में उपलब्ध शेष राशि की पुष्टि करने के बाद ही लेनदेन को मंजूरी देती है.

एटीएम के मुख्य प्रकार

एटीएम मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:

बेसिक यूनिट: इनका उपयोग केवल नकदी निकालने और बैलेंस चेक करने के लिए किया जाता है.

जटिल यूनिट (CDM/CRM): इन मशीनों के जरिए आप नकदी जमा कर सकते हैं, चेक बुक के लिए अनुरोध कर सकते हैं और बिलों का भुगतान भी कर सकते हैं.

इसके अलावा, स्वामित्व के आधार पर इन्हें 'व्हाइट लेबल एटीएम' (गैर-बैंकिंग संस्थाओं द्वारा संचालित) और 'ब्राउन लेबल एटीएम' (बैंक द्वारा आउटसोर्स किए गए) में भी बांटा जाता है.

सुरक्षा और सावधानी

एटीएम का उपयोग करते समय सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है. बैंक हमेशा सलाह देते हैं कि अपना पिन किसी के साथ साझा न करें और कार्ड का उपयोग करते समय कीपैड को हाथ से ढंक लें. 'कार्ड स्किमिंग' जैसी धोखाधड़ी से बचने के लिए मशीन के कार्ड स्लॉट की जांच करना भी जरूरी है.

आज के समय में एटीएम न केवल समय की बचत करते हैं, बल्कि बैंकिंग प्रणाली के बोझ को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. तकनीक के विस्तार के साथ, अब 'यूपीआई एटीएम' (UPI ATM) भी बाजार में आ रहे हैं, जो बिना फिजिकल कार्ड के नकदी निकालने की सुविधा प्रदान करते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 01, 2026 11:53 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).