Petrol Price Today, March 10, 2026: वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच पेट्रोल की कीमतें स्थिर, जानें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत अन्य शहरों में आज के ताजा रेट

भारतीय तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने मंगलवार, 10 मार्च की सुबह पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जारी अस्थिरता और मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद घरेलू स्तर पर ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं.

Representational Image (Photo Credits: File Photo)

 Petrol Price Today, March 10, 2026: भारतीय तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने मंगलवार, 10 मार्च की सुबह पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जारी अस्थिरता और मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद घरेलू स्तर पर ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है, जबकि मुंबई में यह आंकड़ा 103.54 रुपये प्रति लीटर बना हुआ है.

प्रमुख शहरों में आज का पेट्रोल रेट

देश के अलग-अलग राज्यों में स्थानीय वैट (VAT) और माल ढुलाई शुल्क के कारण पेट्रोल की कीमतों में अंतर देखा जा रहा है. दक्षिण भारत के शहरों में कीमतें तुलनात्मक रूप से अधिक हैं.

शहरवार पेट्रोल की कीमतें (प्रति लीटर):

शहर पेट्रोल का रेट (INR)
हैदराबाद 107.46
कोलकाता 105.41
मुंबई 103.54
बेंगलुरु 102.99
चेन्नई 100.80
गुरुग्राम 95.51
नोएडा 94.88
दिल्ली 94.77
लखनऊ 94.69
अहमदाबाद 94.49

वैश्विक बाजार और कच्चे तेल की स्थिति

अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क 'ब्रेंट क्रूड' वर्तमान में 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है. अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है. इसके बावजूद, इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी कंपनियां फिलहाल वैश्विक झटकों को खुद वहन कर रही हैं और इसका सीधा बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाल रही हैं.

कीमतों को प्रभावित करने वाले कारक

भारत में पेट्रोल की खुदरा कीमत कई कारकों पर निर्भर करती है. इसमें कच्चे तेल की आधार लागत, डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर (जो वर्तमान में 92 रुपये के करीब है), केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्यों का वैट शामिल है. यही कारण है कि हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे शहरों की कीमतों में बड़ा अंतर दिखाई देता है.

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक 100 डॉलर के ऊपर बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में घरेलू कीमतों में संशोधन की संभावना बन सकती है. फिलहाल, तेल कंपनियां अपनी पुरानी मार्जिन नीतियों के आधार पर कीमतों को स्थिर रखने का प्रयास कर रही हैं.

Share Now

\