ITR Filing 2026: कैपिटल गेन टैक्स बचाने के लिए अपनाएं ये 9 तरीके, टैक्सपेयर्स के लिए जरूरी गाइड

असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए आयकर रिटर्न भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. अगर आपने संपत्ति या शेयर बेचकर मुनाफा कमाया है, तो आयकर अधिनियम की इन 9 धाराओं का उपयोग करके आप अपना कैपिटल गेन टैक्स काफी हद तक कम कर सकते हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली: आयकर विभाग (Income Tax Department) ने असेसमेंट ईयर 2026–27 (Assessment Year 2026–27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) (ITR) फॉर्म अधिसूचित कर दिए हैं. वेतनभोगी और व्यक्तिगत करदाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 तय की गई है. आमतौर पर नियोक्ताओं द्वारा 15 जून तक फॉर्म 16 जारी कर दिया जाता है, जिसके बाद फाइलिंग प्रक्रिया में तेजी आती है. इस साल टैक्सपेयर्स (Taxpayers) के लिए 'कैपिटल गेन' (पूंजीगत लाभ) पर लगने वाले टैक्स को कानूनी रूप से कम करना एक बड़ी प्राथमिकता है. यह भी पढ़ें: Income Tax Rules 2026: 1 अप्रैल से बदल रहे हैं इनकम टैक्स के नियम; नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी राहत, जानें PAN और HRA से जुड़े नए बदलाव

कैपिटल गेन तब होता है जब आप घर, जमीन या प्रतिभूतियों (Securities) जैसी संपत्ति को मुनाफे पर बेचते हैं. आयकर अधिनियम में कई ऐसी धाराएं हैं जो इस कर बोझ को कम करने में मदद करती हैं.

संपत्ति बेचने और सुधार पर मिलने वाली छूट (Section 48)

आयकर की धारा 48 के तहत टैक्सपेयर्स को दो महत्वपूर्ण लाभ मिलते हैं:

आवासीय संपत्ति में निवेश पर बड़ी राहत (Section 54 और 54F)

यदि आप अपना घर बेचते हैं, तो धारा 54 के तहत लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) पर टैक्स छूट मिल सकती है, बशर्ते आप उस मुनाफे से दूसरा घर खरीदें या निर्माण कराएं.

वहीं, धारा 54F तब लागू होती है जब आप घर के अलावा कोई अन्य संपत्ति (जैसे प्लॉट या शेयर) बेचते हैं और उस पैसे को नया रिहायशी घर खरीदने में निवेश करते हैं. यह आनुपातिक छूट का लाभ प्रदान करता है.

कृषि भूमि और औद्योगिक भूमि के लिए विशेष प्रावधान

कृषि और व्यावसायिक भूमि से जुड़े लेनदेन के लिए भी टैक्स छूट के विकल्प मौजूद हैं:

बॉन्ड और स्टार्टअप्स में निवेश कर बचाएं टैक्स

नकद निवेश के माध्यम से टैक्स बचाने के लिए अन्य विकल्प भी लोकप्रिय हैं:

ध्यान रखने योग्य बातें

इन सभी छूटों का लाभ उठाने के लिए सख्त पात्रता मानदंड, समयसीमा और दस्तावेजीकरण की आवश्यकता होती है. करदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे निवेश करने से पहले समयसीमा (जैसे 6 महीने या 2 साल) का विशेष ध्यान रखें. उचित योजना के साथ कैपिटल गेन कटौती का लाभ उठाकर टैक्सपेयर्स न केवल अपनी देनदारी कम कर सकते हैं, बल्कि कानून का पूरी तरह पालन भी सुनिश्चित कर सकते हैं.

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