Jaguar Land Rover Job Cuts: जगुआर लैंड रोवर में बड़ी छंटनी, अगले दो साल में 4,000 कर्मचारियों की जाएगी नौकरी
कंपनी द्वारा घोषित इस छंटनी योजना का मुख्य प्रभाव यूके (ब्रिटेन) स्थित मुख्यालय, प्रबंधन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) से जुड़े प्रशासनिक अधिकारियों पर पड़ेगा. उत्पादन कारखानों (शॉप फ्लोर) में कार्यरत श्रमिकों को इस कटौती प्रक्रिया से बाहर रखा गया है
Jaguar Land Rover Job Cuts: टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) ने अगले दो वर्षों के भीतर अपने वैश्विक कार्यबल से लगभग 4,000 नौकरियों में कटौती करने की घोषणा की है. चीनी ऑटोमोबाइल कंपनियों से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा, अमेरिकी आयात शुल्कों (टैरिफ) के प्रभाव और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बदलाव के बीच कंपनी अपनी लागत को नियंत्रित करने के लिए यह बड़ा कदम उठा रही है.
प्रबंधन और मुख्य कार्यालय के पद होंगे प्रभावित
कंपनी द्वारा घोषित इस छंटनी योजना का मुख्य प्रभाव यूके (ब्रिटेन) स्थित मुख्यालय, प्रबंधन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) से जुड़े प्रशासनिक अधिकारियों पर पड़ेगा. उत्पादन कारखानों (शॉप फ्लोर) में कार्यरत श्रमिकों को इस कटौती प्रक्रिया से बाहर रखा गया है. यह भी पढ़े: Meta Layoffs 2026: मेटा में बड़ी छंटनी, 20 मई से करीब 8,000 कर्मचारियों को निकालेगी FB की पेरेंट कंपनी, AI पर बढ़ा फोकस
जगुआर लैंड रोवर में बड़ी छंटनी
-
स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (Voluntary Redundancy): कंपनी ने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना की पेशकश की है, जिसके तहत 4 अक्टूबर तक आवेदन किया जा सकता है.
-
अनिवार्य छंटनी का विकल्प: यदि स्वैच्छिक प्रक्रिया के जरिए निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं होता है, तो कंपनी कम वित्तीय पैकेज के साथ अनिवार्य छंटनी की प्रक्रिया लागू करेगी.
1.7 अरब पाउंड की बचत का लक्ष्य
जेएलआर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पीबी बालाजी के अनुसार, कंपनी ने अगले दो वर्षों में लगभग 1.7 अरब पाउंड (करीब 21,700 करोड़ रुपये) की बचत करने और अपने वित्तीय ब्रेक-इवन बिंदु को घटाकर 3,000,000 वाहन प्रति वर्ष करने की रणनीति बनाई है.
बालाजी ने कहा कि कंपनी इस छंटनी प्रक्रिया के दौरान अपने सभी कर्मचारियों के साथ निष्पक्षता, सम्मान और संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करने के लिए प्रतिबद्ध है.
छंटनी के पीछे के मुख्य कारण
जेएलआर को पिछले कुछ समय से कई वैश्विक और परिचालन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है:
-
चीनी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा: चीन के वाहन निर्माताओं ने वैश्विक और ब्रिटिश बाजारों में सस्ते इलेक्ट्रिक व हाइब्रिड मॉडल पेश कर जेएलआर के बाजार हिस्सेदार को प्रभावित किया है.
-
अमेरिकी आयात शुल्क: अमेरिका द्वारा ब्रिटिश कारों के आयात पर लगाए गए 10% टैरिफ से कंपनी के मुनाफे पर असर पड़ा है. अमेरिका जेएलआर का सबसे बड़ा बाजार है, जो कुल बिक्री का लगभग 29% हिस्सा है.
-
साइबर हमले का प्रभाव: पिछले वर्ष हुए एक बड़े साइबर हमले के कारण कंपनी को एक महीने से अधिक समय तक अपना उत्पादन पूरी तरह ठप करना पड़ा था, जिससे 1.9 अरब पाउंड का भारी नुकसान हुआ था.
ब्रिटिश सरकार के बिजनेस सेक्रेटरी जोनाथन रेनॉल्ड्स ने कहा है कि सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और ट्रेड यूनियनों तथा कंपनी प्रबंधन के साथ वार्ता जारी है.