खेल की खबरें | सीरियाई लोगों के चेहरों पर मुस्काना लाना चाहती हैं युवा ओलंपियन ज़ाज़ा

तोक्यो, 23 जुलाई सीरिया की 12 साल की टेबल टेनिस खिलाड़ी हेंड ज़ाज़ा युद्ध से अपने गृह नगर के बर्बाद होने के बावजूद अपने ओलंपिक स्वप्न को पूरा करने के लिये पीछे नहीं हटीं।

ज़ाज़ा तोक्यो ओलंपिक में सबसे युवा ओलंपियन के तौर पर युद्ध से तबाह देश का प्रतिनिधित्व करने के लिये तैयार हैं और उन्हें उम्मीद है कि वह अपने देशवासियों के चेहरों पर थोड़ी मुस्कान वापस ला सकती हैं।

सीरियाई शहर हामा की रहने वाली ज़ाज़ा ने कहा, ‘‘मैं सीरियाई लोगों को खुश करना चाहती हूं, सिर्फ मैं ही नहीं बल्कि हमारे सभी खेल ऐसा चाहते हैं। हम उन्हें बतायेंगे कि हम इसके लिये तैयार हैं और हम उन्हें बहुत प्यार करते हैं। ’’

ज़ाज़ा ने कहा कि युद्ध से मिले दर्द और परेशानियों से बचने के लिये टेबल टेनिस (टीटी) उनका सहारा बना जिसने उन्हें जिंदगी की चुनौतियों से लड़ने की ताकत दी।

वह शुक्रवार को ओलंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह में सीरिया की ध्वजवाहक थीं। उन्होंने कहा, ‘‘टेबल टेनिस ने मुझे सबकुछ दिया और मुझे आत्मविश्वास से भरा मजबूत इंसान बनना सिखाया। इससे मैंने संयम भी सीखा। ’’

वर्ष 1992 में स्पेन के 11 साल के कार्लोस फ्रंट ने नौकायन और हंगरी की 12 साल की ज्यूडिट किस ने तैराकी स्पर्धा में हिस्सा लिया था, उसके बाद से ज़ाज़ा युवा ओलंपियन होंगी।

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