देश की खबरें | योगी ने दतिया में मां पीतांबरा पीठ के दर्शन किए और खंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया

इसके बाद उन्होंने झांसी जिले के एक गांव में पेयजल योजना की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को समय पर काम पूरा करने का निर्देश दिया।

योगी ने ललितपुर में संत मोरारी बापू के राम कथा कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि रामराज्य का मतलब है, जहां किसी के साथ कोई भेदभाव न हो, जहां किसी के सामने कोई अभाव न हो, जहां किसी बुराई के लिए कोई स्थान न हो। ऐसी आदर्श व्यवस्था भारत में बन रही है।

झांसी मंडल के दो दिवसीय दौरे पर आये मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने शनिवार को यहां रात्रि विश्राम किया और रविवार सुबह वह सीमावर्ती दतिया (मध्य प्रदेश) में स्थित मां पीतांबरा पीठ के दर्शन करने पहुंचे।

मध्यप्रदेश सरकार के गृह मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने वहां मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने पीतांबरा पीठ पर दर्शन पूजन के बाद खंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया।

उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दोबारा भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बाद दूसरी बार मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ का यह मध्य प्रदेश का पहला दौरा था।

उल्लेखनीय है कि पीतांबरा पीठ दतिया शहर में स्थित देश की एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। इस स्थान पर 'बगलामुखी देवी' तथा 'धूमावती माता' की स्थापना की गई है और इस पीठ में वन खंडेश्वर शिव मंदिर भी है जिसे महाभारत कालीन बताया जाता है।

मां पीतांबरा के दर्शन के बाद वह पुनः: जनपद झांसी के विकासखंड चिरगांव के ग्राम गुलारा पहुंचे और उन्होंने 'अमृत पेयजल योजना' का स्थलीय निरीक्षण किया। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के दो लाख घरों में नलों से पानी पहुंचने लगेगा, जिससे साढ़े ग्यारह लाख की आबादी की पानी की समस्या खत्म हो जाएगी।

योगी ने झांसी में जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन परियोजना गुलारा ग्राम समूह पेयजल योजना का स्थलीय निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से कहा कि परियोजना को तेज गति के साथ पूर्ण किया जाए ताकि समय से लोगों को लाभान्वित किया जा सके।

बुंदेलखंड में हर घर जल योजना को 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से मूर्त रूप दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत जनपद में 10 परियोजनाएं गुलारा, बचावली, तिलैथा, बुढ़पुरा, बरथरी, टेहरका, इमलौटा, कुरैचा, पुरवा व बढ़वार में विकसित की जा रही हैं। इस योजना का लाभ जनपद के 648 गांवों को मिलेगा। .

उल्लेखनीय है कि 'हर घर नल योजना' की घोषणा 15 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। 19 जून 2020 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधारशिला रखी थी तथा इस योजना को 2023 तक पूरा किया जाना है।

परियोजना का स्थलीय निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री द्वारा गौ आश्रय स्थल का निरीक्षण किया गया। मुख्यमंत्री ने वहां गोवंश को चारा तथा बछड़ों को गुड़ खिलाया।

इस दौरान उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी छुट्टा जानवर खुले में घूमता हुआ न मिले और सभी को गौशालाओं में संरक्षित किया जाए।

पेयजल परियोजना स्थल पर मुख्यमंत्री द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया। उन्होंने अधिकारियों को शासन द्वारा वृक्षारोपण लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री योगी ने ललितपुर में संत मोरारी बापू के राम कथा कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि रामराज्य का मतलब, जहां किसी के साथ कोई भेदभाव न हो, जहां किसी के सामने कोई अभाव न हो, जहां किसी बुराई के लिए कोई स्थान न हो। ऐसी आदर्श व्यवस्था भारत में बन रही है।

लखनऊ में रविवार शाम जारी एक सरकारी बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने ललितपुर की रामकथा में कहा कि रामराज्य की स्थापना का मार्ग तब प्रशस्त होगा, जब भारत की 135 करोड़ जनता एक स्वर में बोलेगी। इसी मार्ग को प्रशस्त करने का कार्य देश में हो रहा है और बिना भेदभाव के शासन की योजनाओं का लाभ हर एक को मिल रहा है।सभी को सुरक्षा मिल रही है।

उन्‍होंने कहा कि हमें सामूहिकता के साथ कार्य करने होंगे क्‍योंकि सामूहिकता में बड़ी ताकत होती है। योगी ने कहा कि भगवान श्रीराम ने सामूहिकता की इसी ताकत के साथ कार्य किया था और भारत की सामूहिक ताकत को पहचाना था।

उन्होंने यह भी कहा कि दिसंबर 2022 तक लगभग पूरे बुंदेलखंड के हर गांव और हर घर को शुद्ध पानी मिलेगा।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)