लखनऊ/नयी दिल्ली, 24 मार्च योगी आदित्यनाथ को बृहस्पतिवार को एक बार फिर सर्वसम्मति से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्वाचित विधायक दल का नेता चुन लिया गया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया है। आदित्यनाथ लगातार दूसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे।
भाजपा द्वारा केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर भेजे गए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सह पर्यवेक्षक व झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की मौजूदगी में आदित्यनाथ को विधायक दल का नेता चुना गया।
भाजपा विधायक दल के सबसे वरिष्ठ सदस्य सुरेश कुमार खन्ना ने आदित्यनाथ के नाम का प्रस्ताव रखा जिसका सूर्य प्रताप शाही, बेबी रानी मौर्य, नंद गोपाल गुप्ता नंदी और राम नरेश अग्निहोत्री ने समर्थन किया। उसके बाद मौजूद सभी विधायकों ने इस पर रजामंदी दे दी।
हालांकि आदित्यनाथ को ही एक बार फिर विधायक दल का नेता चुने जाने की प्रबल संभावना थी, जिस पर आज मुहर लग गई। इस मौके पर मंच पर भाजपा के सहआदित्यनाथ अपना दल (सोनेलाल) के कार्यकारी अध्यक्ष आशीष पटेल तथा निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद भी मौजूद थे।
राजभवन की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, बैठक के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के नेतृत्व में पार्टी की अगुवाई वाले गठबंधन के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। इसके बाद आदित्यनाथ ने भी राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट की तथा राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया।
बयान के अनुसार, राज्यपाल को सौंपे गए पत्र में यह भी आग्रह किया गया है कि आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में एवं उनके मंत्रिमण्डल के शपथ ग्रहण के लिए आवश्यक निर्देश जारी किये जायें। राज्यपाल ने उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुये 25 मार्च को अपराह्न सवा तीन बजे लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन रखा है।
राज्यपाल ने उनसे यह भी अनुरोध किया है कि वह अपने प्रस्तावित मंत्रिमण्डल के सहयोगियों को शपथ दिलाने के लिए उनकी सूची भी प्रस्तुत करें ताकि संविधान के अनुच्छेद 164(1) के तारतम्य में शपथ दिलायी जा सके।
आदित्यनाथ मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अनेक केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं तथा विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों की शिरकत हो सकती है।
आदित्यनाथ ने भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अपने संबोधन में कहा, ‘‘आज पार्टी ने मुझे फिर से जिम्मेदारी दी है। मैं फिर से वचन देता हूं कि हम बिना डिगे, बिना थके, बिना रुके प्रधानमंत्री के विजन (दृष्टिकोण) के अनुरूप उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता को जनार्दन (भगवान) मानकर उनकी सेवा के लिए पूरी ईमानदारी और तत्परता के साथ समर्पित भाव से काम करेंगे। हमारा पूरा विधायक दल इस अभियान का साक्षी बने और एक टीम के साथ तौर पर काम करता दिखे।"
उन्होंने कहा, ‘‘हम शासन में आते हैं तो मालिक बनने की भूल कभी ना करें। हम सेवक बनकर काम करें। हमारी भूमिका व्यवस्था के संरक्षक के रूप में है। पार्टी की जो व्यवस्था होगी उसके तहत हम पूरी ईमानदारी और तत्परता के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन करेंगे।"
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मौके पर अपने संबोधन में सभी विधायकों से कहा "हम सबको लगता है कि हमारी लोकप्रियता है, मगर पार्टी सबसे ऊपर होती है। पार्टी की नीतियां ही पार्टी के लिए लोकप्रियता का सृजन करती हैं। हमारा दायित्व है कि पिछले पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश के विकास की नींव डालने का जो काम हुआ है, अब हमें उस पर समृद्ध इमारत बनानी है।"
उन्होंने कहा, "इस यात्रा को पूरा करने का काम आप सभी विधायकों को करना है। आज हम सब विजय के आनंद के साथ-साथ यह संकल्प भी लेकर जाएंगे कि जो कानून-व्यवस्था को दृढ़ता प्रदान करने का काम पांच साल तक हुआ है उसे हम और सुदृढ़ बनाएंगे।"
शाह ने कहा "आज उत्तर प्रदेश विधानसभा का एक नया इतिहास लिखने का क्षण इसी सभागार के अंदर हो रहा है। पिछले 35 सालों से एक पार्टी को दूसरी बार पूर्ण बहुमत नहीं मिला था। भाजपा ऐसी पार्टी है जिसने दोनों बार दो तिहाई से ज्यादा बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है।"
उधर, दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेताओं ने उत्तर प्रदेश में सरकार के गठन की कवायद को अंतिम रूप दिया। पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, राज्य में इस बार भी दो उपमुख्यमंत्री हो सकते हैं।
निवर्तमान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा के साथ-साथ उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को उपमुख्यमंत्री पद के लिए प्रमुख दावेदारों के तौर पर देखा जा रहा है।
भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और केंद्रीय मंत्री तथा भाजपा के चुनाव प्रभारी रहे धर्मेंद्र प्रधान भी प्रदेश सरकार के गठन की कवायद में शामिल रहे। इन नेताओं ने उत्तर प्रदेश की नई कैबिनेट में जातीय तथा क्षेत्रीय समीकरण साधने पर विचार विमर्श किया।
जाटव समुदाय से ताल्लुक रखने वाली बेबी रानी मौर्य को नई सरकार में महत्वपूर्ण पद मिलने की संभावना है। उन्होंने उत्तराखंड के राज्यपाल पद से इस्तीफा देने के बाद उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव लड़ा था।
प्रदेश के निवर्तमान कानून मंत्री बृजेश पाठक, उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाने वाले पूर्व नौकरशाह ए. के. शर्मा को भी मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण पद दिए जाने की संभावना है। इनमें उपमुख्यमंत्री का पद भी शामिल है, बशर्ते पार्टी इस पद पर नए चेहरे लाना चाहे।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के हाल में संपन्न हुए चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा को 255 सीटें मिली थी जबकि उसके सहआदित्यनाथ अपना दल (सोनेलाल) को 12 तथा निषाद पार्टी को छह सीटों पर जीत हासिल हुई थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY