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यस बैंक घोटाला : उच्च न्यायालय का धनशोधन मामले में वधावन बंधुओं को अग्रिम जमानत देने से इनकार

वधावन बंधु मौजूदा समय में जेल में हैं। उन्हें यस बैंक घोटाले के सिलसिले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था और पिछले हफ्ते उन्होंने धनशोधन मामले में अग्रिम जमानत के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। इनके खिलाफ एक अन्य मामला उत्तरप्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के कर्मचारियों की भविष्य निधि में कथित अनियमितता को लेकर दर्ज किया गया है।

यस बैंक घोटाला : उच्च न्यायालय का धनशोधन मामले में वधावन बंधुओं को अग्रिम जमानत देने से इनकार
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मुंबई, 12 मई बंबई उच्च न्यायालय ने डीएचएफएल के प्रर्वतक धीरज वधावन और कपिल वधावन को यस बैंक धनशोधन मामले में चल रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।

वधावन बंधु मौजूदा समय में जेल में हैं। उन्हें यस बैंक घोटाले के सिलसिले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था और पिछले हफ्ते उन्होंने धनशोधन मामले में अग्रिम जमानत के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। इनके खिलाफ एक अन्य मामला उत्तरप्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के कर्मचारियों की भविष्य निधि में कथित अनियमितता को लेकर दर्ज किया गया है।

न्यायमूर्ति भारती डांगरे ने मंगलवार को दोनों मामलों में याचिका खारिज कर दी।

वधावन के वकील अमित देसाई ने पिछले हफ्ते तर्क दिया था कि उनके मुवक्किल के खिलाफ धनशोधन का कोई मामला नहीं बनता क्योंकि कथित लेनदेन सामान्य कारोबार के तहत कियस गया था।

उन्होंने यह भी दलील दी थी कि कोविड-19 महामारी की वजह से लागू लॉकडाउन के बीच इस चरण में गिरफ्तार करने या गिरफ्तारी वारंट जारी करने का कोई मामला नहीं बनता है क्योंकि यह मामला वित्तीय है और पिछले छह महीने से मामले की जांच की जा रही है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील अनिल सिंह और हितेन वेनेगावकर ने याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि भविष्य निधि की करीब 4,200 करोड़ रुपये की राशि यूपीपीसीएल के कुछ अधिकारियों की मिलिभगत से दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (डीएचएफएल) में सावधि जमा के तौर पर जमा कराई गई।

उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने यस बैंक घोटाले के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पिछले हफ्ते धीरज वधावन और कपिल वधावन को गिरफ्तार किया था।

सीबीआई की ओर से दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक घोटाले की शुरुआत जून 2018 में तब हुई जब यस बैंक ने घोटाले का सामना कर रही डीएचएफएल में अल्कालिक ऋणपत्र के रूप में 3,700 करोड़ रुपये का निवेश किया।

इसके बदले में वधावन बंधुओं ने कथित तौर पर यस बैंक के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी और उनके परिवार के सदस्यों डूआईटी अर्बन वेंचर (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को ऋण के रूप में 600 करोड़ रुपये का पुनर्भुगतान किया। इस कंपनी को कपूर की पत्नी और बेटियां चला रही थीं।

सीबीआई के अलावा प्रवर्तन निदेशालय भी यस बैंक घोटाले में दोनों की भूमिका की जांच कर रहा है।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 12, 2020 04:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).