जरुरी जानकारी | एक्स पर विज्ञापन राजस्व साझा करने से आय तय सीमा से अधिक होने पर जीएसटी के दायरे में : विशेषज्ञ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सोशल मीडिया कंपनी एक्स (पूर्व में ट्विटर) से विज्ञापन राजस्व साझाकरण योजना के तहत उपयोगकर्ताओं को मिलने वाली आय को जीएसटी कानून के तहत आपूर्ति माना जाएगा और इस पर 18 प्रतिशत की दर से कर देना होगा। विशेषज्ञों ने यह बात कही।

नयी दिल्ली, 13 अगस्त सोशल मीडिया कंपनी एक्स (पूर्व में ट्विटर) से विज्ञापन राजस्व साझाकरण योजना के तहत उपयोगकर्ताओं को मिलने वाली आय को जीएसटी कानून के तहत आपूर्ति माना जाएगा और इस पर 18 प्रतिशत की दर से कर देना होगा। विशेषज्ञों ने यह बात कही।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की किराये से आय, बैंक सावधि जमा पर ब्याज और अन्य पेशेवर सेवाओं सहित विभिन्न सेवाओं से कुल आय एक वर्ष में 20 लाख रुपये से अधिक हो जाती है, तो उस पर कर लगेगा।

हाल ही में, एक्स ने अपने प्रीमियम ग्राहकों या सत्यापित संगठनों के लिए विज्ञापन राजस्व साझा करना शुरू किया है। इस राजस्व साझाकरण कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए खाते में पिछले तीन महीनों में पोस्ट पर 1.5 करोड़ 'इंप्रेशन' और कम से कम 500 'फॉलोअर्स' होने चाहिए।

कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने हाल ही में एक्स से राजस्व हिस्सेदारी प्राप्त करने के बारे में ट्वीट किए हैं।

विशेषज्ञों ने कहा कि 20 लाख रुपये की सीमा की गणना के लिए ऐसी आमदनी को शामिल किया जाएगा जो आमतौर पर जीएसटी से मुक्त हैं। हालांकि, छूट वाली आय पर जीएसटी नहीं लगाया जाएगा।

वर्तमान में, 20 लाख रुपये से अधिक की सेवाओं से राजस्व या आय अर्जित करने वाले व्यक्ति और संस्थाएं माल और सेवा कर (जीएसटी) पंजीकरण लेने के लिए पात्र हैं। मिजोरम, मेघालय, मणिपुर जैसे कुछ विशेष श्रेणी के राज्यों के लिए यह सीमा 10 लाख रुपये है।

एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के वरिष्ठ पार्टनर रजत मोहन ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बैंकों से सालाना 20 लाख रुपये की ब्याज आय अर्जित करता है, और जो न तो जीएसटी का भुगतान करता है और न ही जीएसटी पंजीकरण कराया है।

उन्होंने आगे कहा कि अब, यदि वह व्यक्ति ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म से कोई अतिरिक्त कर योग्य आय, मान लीजिए एक लाख रुपये हासिल करता है, तो उसे जीएसटी पंजीकरण कराना होगा और 20 लाख रुपये से ऊपर की रकम यानी एक लाख रुपये पर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा।

नांगिया एंडरसन एलएलपी के पार्टनर संदीप झुनझुनवाला ने कहा कि सामग्री निर्माता ट्विटर से आय हासिल करता है तो वह जीएसटी के तहत 'सेवाओं का निर्यात' मानी जाएगी, क्योंकि ट्विटर भारत से बाहर है और परिणामस्वरूप, आपूर्ति का स्थान भारत के बाहर है।

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