देश की खबरें | निजी गैर सहायता प्राप्त स्कूलों के खिलाफ रिट याचिका विचार योग्य: जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय
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जम्मू, नौ अगस्त जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने कहा है कि गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के खिलाफ रिट याचिकाएं विचार योग्य हैं क्योंकि ये सार्वजनिक कार्य और शिक्षा नियमों के तहत आते हैं।
न्यायमूर्ति जावेद इकबाल वानी ने एक अध्यापक की रिट याचिका पर पिछले हफ्ते आदेश पारित किया। इस अध्यापक को साल के शुरू में स्कूल ने बर्खास्त कर दिया था। अदालत ने प्रतिवादी को निर्देश दिया कि वह अध्यापक को बहाल करे।
वकील सचिन गुप्ता के जरिए दायर की गई याचिका में अध्यापक ने प्रजेंटेशन कॉन्वेंट सेकंडरी स्कूल के 26 फरवरी के आदेश को रद्द करने और खुद को भौतिक विज्ञान के शिक्षक के तौर पर बहाल करने का अनुरोध किया।
बहरहाल, प्रतिवादी ने रिट याचिका को रद्द करने का आग्रह करते हुए कहा कि वह निजी गैर सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान है और रिट के तहत नहीं आता है।
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अपने आदेश में न्यायधीश ने कहा कि विद्यालय भले ही गैर सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक संस्थान हो, लेकिन स्कूल जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा अधिनियम और जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा नियमों के तहत नियंत्रित होता है और उसका निरीक्षण किया जाता है।
न्यायमूर्ति वानी ने कहा कि यह सामने आया है कि स्कूल का संचालन और कामकाज उक्त अधिनियमों और नियमों के तहत नियमित होता है।
उन्होंने कहा कि प्रतिवादी द्वारा रिट याचिका की विचारणीयता पर जताई गई आपत्ति कानूनी तौर पर उचित नहीं है और रिट याचिका विचार योग्य है।
गुप्ता ने पीटीआई- से कहा कि यह अहम फैसला है जो सभी निजी शिक्षण संस्थानों को उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में ले आया है।
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