नयी दिल्ली, 10 फरवरी कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने केंद्रीय बजट को चुनाव केंद्रित बताते हुए सोमवार को सरकार से मांग की कि देश में मनरेगा के तहत कार्यदिवस 100 से बढ़ाकर 200 किए जाने चाहिए।
लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए वडिंग ने कहा कि कांग्रेस की सरकारों के समय देश का बजट गरीबों, किसानों और मजदूरों की जिंदगी बदल देता था, लेकिन आज की सरकार का बजट कुछ उद्योगपतियों द्वारा बनाया जाता है और यह चुनाव केंद्रित रहता है।
उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह सरकार के समय देश की जीडीपी आठ प्रतिशत से अधिक थी और इस वित्त वर्ष में यह 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
उन्होंने कहा, ‘‘ देश में सरकार और वित्त मंत्री नहीं हों तो भी देश की जीडीपी अपने आप 3 से 4 प्रतिशत हो जाएगी। ऐसे में जीडीपी की वर्तमान स्थिति में सरकार का क्या योगदान है।’’
वडिंग ने संसद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के कुछ सदस्यों द्वारा पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का उल्लेख किए जाने के संदर्भ में कहा, ‘‘पूर्व प्रधानमंत्रियों का मजाक उड़ाने की परंपरा अच्छी नहीं है। आपको बात करनी है तो संप्रग और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की बात करें।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि किसान सम्मान निधि योजना के तहत पंजाब में एक समय 23 लाख से अधिक किसानों को मदद दी गई थी लेकिन राज्य के किसानों के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद 14 लाख किसानों के नाम इस योजना से हटा दिए गए और कागज नहीं होने का दावा किया गया।
वडिंग ने कहा कि सरकार को गरीबों और मजदूरों की मदद के लिहाज से देश में मनरेगा के तहत कार्य अवधि 200 दिन करनी चाहिए।
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