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देश की खबरें | कोट्टायम में सरकारी अस्पताल का एक हिस्सा ढहने से महिला की मौत, तीन अन्य लोग घायल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कोट्टायम के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल का एक हिस्सा बृहस्पतिवार को ढहने से 52 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई और एक बच्चे सहित तीन लोग घायल हो गए। पुलिस ने यहां यह जानकारी दी।

देश की खबरें | कोट्टायम में सरकारी अस्पताल का एक हिस्सा ढहने से महिला की मौत, तीन अन्य लोग घायल

कोट्टायम, तीन जुलाई कोट्टायम के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल का एक हिस्सा बृहस्पतिवार को ढहने से 52 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई और एक बच्चे सहित तीन लोग घायल हो गए। पुलिस ने यहां यह जानकारी दी।

विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज से इस्तीफा देने और घटना की न्यायिक जांच कराने की मांग की।

महिला को दो घंटे से ज़्यादा समय बाद मलबे से बाहर निकाला गया और उसे मृत घोषित कर दिया गया। बाद में उसकी पहचान थालयोलापरम्बु निवासी बिंदु के रूप में हुई, वह अपनी बेटी के इलाज के लिए अस्पताल में थी।

अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि घायलों की पहचान 11 वर्षीय अलीना, अमल प्रदीप (20) और जिनु साजी (38) के तौर पर की गई है और उन्हें घटना के तत्काल बाद अस्पताल के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया। उन्होंने बताया कि तीनों मरीज खतरे से बाहर हैं।

घायल बच्ची की पहचान वायनाड के मीनांगडी की अलीना विंसेंट के रूप में हुई है। वह अपनी दादी के पास खड़ी थी, जिनका वार्ड 10 में इलाज किया जा रहा था।

चिकित्सा महाविद्यालय के प्रचार्य डॉ वर्गीस पी पुन्नूस ने एक बयान में कहा कि कोट्टायम सरकारी मेडिकल कॉलेज में वार्ड 10, 11 और 14 से सटे शौचालय परिसर उस समय ढह गया, जब अस्पताल केआईआईएफबी फंड से नवनिर्मित सर्जिकल ब्लॉक में पूरी तरह से संचालन स्थानांतरित करने की प्रक्रिया चल रही थी।

पुन्नूस ने बताया कि प्रभावित ऊपरी वार्डों से मरीजों को दूसरे क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जा रहा है। आईसीयू, ऑपरेशन थियेटर और अन्य सुविधाओं को भी नए बने सर्जिकल ब्लॉक में स्थानांतरित किया जा रहा है और यह प्रक्रिया युद्धस्तर पर चल रही है।

उन्होंने कहा कि वार्ड 11 और 14 से इस शौचालय परिसर में प्रवेश पहले ही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया था तथा यह क्षेत्र वर्तमान में उपयोग में नहीं था।

राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज और सहकारिता मंत्री वी एन वासवन इमारत ढहने की सूचना मिलने के बाद घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि क्षतिग्रस्त भाग एक पुराना, अप्रयुक्त शौचालय क्षेत्र था, जिसमें तीन वार्ड थे।

वहां मौजूद एक महिला ने मंत्री के दावे को नकारते हुए संवाददाताओं से कहा कि यह कोई अप्रयुक्त क्षेत्र नहीं है। उसने पत्रकारों से कहा, ‘‘ किसी ने हमें वहां शौचालय इस्तेमाल नहीं करने के लिए नहीं कहा।’’

विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने मंत्रियों पर हादसे की गंभीरता को कमतर कर दिखाने का प्रयास करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कोट्टायम के विधायक तिरुवंचूर राधाकृष्णन ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा, ‘‘ यह जांचने से पहले कि मलबे के नीचे कोई फंसा है या नहीं, मंत्रियों ने घटना की गंभीरता को कम करने की कोशिश की।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ इससे गंभीर लापरवाही उजागर होती है। महिला को दो से ढाई घंटे बाद बाहर निकाला जा सका।’’

कांग्रेस नेताओं ने बचाव अभियान शुरू करने में देरी का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लापता महिला के रिश्तेदारों द्वारा चिंता जताए जाने के बाद ही खोज अभियान गंभीरता से शुरू किया गया।

मलबे की खोज के लिए अग्निशमन और पुलिस विभाग की बचाव टीमों को तैनात किया गया। सांसद फ्रांसिस जॉर्ज, विधायक तिरुवंचूर राधाकृष्णन और चांडी ओमन सहित विपक्षी यूडीएफ नेताओं ने अस्पताल का दौरा किया।

कांग्रेस नीत विपक्षी यूडीएफ ने बचाव कार्यों में गंभीर खामियों और राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में व्यापक विफलताओं का हवाला देते हुए जॉर्ज के इस्तीफे की मांग की। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ‘‘अब एक पल के लिए भी अपने पद पर बने रहने के लायक नहीं हैं’’ और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि राज्य सरकार लोगों की जिंदगी से खेल रही है। उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में खामियों के लिए वामपंथी सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

यूडीएफ ने घटना की न्यायिक जांच की भी मांग की है।

यूडीएफ नेताओं ने स्वास्थ्य मंत्री और उनके सहयोगी सहकारिता मंत्री वी एन वासवन पर आरोप लगाया कि उन्होंने समय से पहले ही घोषणा कर दी कि मलबे में कोई फंसा नहीं है, जिसके कारण बचाव कार्य में देरी हुई।

केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी डी सतीशन ने तिरुवनंतपुरम में एक प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘यहां तक ​​कि जब वहां खड़े लोगों और रिश्तेदारों ने कहा कि लोग उस स्थान का उपयोग कर रहे थे और कोई लापता है, तब भी मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि वह स्थान खाली था।’’

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘उस झूठी घोषणा के कारण बचाव कार्य रुक गया। इसकी वजह से एक परिवार ने अपनी मां खो दी।’’

सतीशन ने कहा कि मरीज और उनके रिश्तेदार घटना की सुबह तक नियमित रूप से उस खंड के शौचालयों का उपयोग कर रहे थे। उन्होंने सवाल किया, ‘‘अगर यह सचमुच वह बंद था, तो एक महिला अंदर कैसे फंस गई? मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।’’

चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि सरकार ने शुरू में यह दावा करके घटना को कमतर आंकने की कोशिश की कि ढहा हुआ हिस्सा अस्पताल का अप्रयुक्त हिस्सा था। उन्होंने कहा, ‘‘यदि ऐसा है तो सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि किसी की जान कैसे गयी।’’

चंद्रशेखर ने कहा कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग का कर्तव्य है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि इमारत से खतरा था, तो चेतावनी के संकेत क्यों नहीं लगाए गए और प्रवेश पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया गया? प्रशासन को जनता को स्पष्टीकरण देनी चाहिए।’’

जॉर्ज ने अपने शुरुआती बयान को उचित ठहराते हुए कहा कि यह अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित था।

मंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले जो कुछ भी बताया था, वह अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों द्वारा उस समय दी गई जानकारी पर आधारित थी। उन्होंने कहा कि कोट्टायम के जिला कलेक्टर अब मामले की जांच करेंगे।

इस बीच, कांग्रेस, मुस्लिम लीग और उनकी युवा एवं महिला शाखाओं सहित विपक्षी दलों ने जॉर्ज के इस्तीफे की मांग को लेकर राज्य भर में विरोध प्रदर्शन किया।

बढ़ते विरोध के बीच मुख्यमंत्री विजयन ने कोट्टायम सरकारी मेडिकल कॉलेज का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 03, 2025 09:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).