जरुरी जानकारी | रक्षा उपक्रमों के निगमीकरण से देश होगा हथियार में आत्मनिर्भरः वेदांत चेयरमैन

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कोलकाता, 16 अप्रैल वेदांत समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने रक्षा क्षेत्र में अधिक उदारीकरण की जरूरत पर जोर देते हुए शनिवार को कहा कि हथियार एवं गोला-बारूद के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रक्षा कारखानों को कॉरपोरेट ढांचे में ढाला जाना चाहिए।

अग्रवाल ने एक कार्यक्रम को लंदन से ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि देश में हथियार और गोला-बारूद का विनिर्माण करने वाले 52 रक्षा कारखाने हैं लेकिन उनमें से ज्यादातर की दस फीसदी क्षमता का ही उपयोग हो पा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम हथियार और गोला बारूद के सबसे बड़े उत्पादक बन सकते हैं। यदि रक्षा कारखानों का निगमीकरण किया जाता है तो इससे नई सोच को रास्ता मिलेगा।’’

अग्रवाल के मुताबिक, वेदांता को उम्मीद है कि अगले दो वर्ष में भारत में सेमीकंडक्टर का उत्पादन शुरू किया जा सकेगा। उन्होंने कहा, ‘‘सेमीकंडक्टर किसी भी उद्योग के लिए सूत्रधार की तरह होते हैं। अगले दो वर्ष में हमें भारत में सेमीकंडक्टर का उत्पादन शुरू करना चाहिए।’’

कंपनी ने भारत में सेमीकंडक्टर के विनिर्माण के लिए फॉक्सकॉन के साथ संयुक्त उपक्रम बनाने के लिए फरवरी में करार किया था।

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