देश की खबरें | जालंधर से शिअद प्रत्याशी की जीत ही प्रकाश सिंह बादल को सच्ची श्रद्धांजलि होगी : सुखबीर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पंजाब के पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके प्रकाश सिंह बादल का 25 अप्रैल को निधन हो गया था। उन्हें 16 अप्रैल को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
पंजाब के पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके प्रकाश सिंह बादल का 25 अप्रैल को निधन हो गया था। उन्हें 16 अप्रैल को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सुखबीर बादल जालंधर जिले के गोराया में पार्टी उम्मीदवार सुक्खी के पक्ष में एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे । शिअद उम्मीदवार को बसपा का समर्थन प्राप्त है ।
उपचुनाव के लिए शिरोमणि अकाली दल (शिअद) प्रमुख का पिता के निधन के बाद यह पहला सार्वजनिक संबोधन था।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं (शिअद एवं बसपा) कार्यकर्ताओं से आग्रह करना चाहता हूं कि इस उपचुनाव में सुक्खी की जीत सुनिश्चित करें । यह हमारे नेता सरदार प्रकाश सिंह बादल को सच्ची श्रद्धांजलि होगी ।’’
उन्होंने कहा कि इसके बाद शिअद कार्यकर्ता बंगा सीट से बसपा के उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करेंगे ।
सुक्खी फिलहाल बंगा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं और अगर वह लोकसभा के लिये निर्वाचित हो जाते हैं तो उन्हें यह सीट खाली करनी पड़ेगी।
जालंधर लोकसभा उपचुनाव के लिये 10 मई को मतदान होगा। इस सीट से कांग्रेस सांसद चौधरी संतोख सिंह का जनवरी में निधन हो गया था, जिसके बाद यहां चुनाव कराने की आवश्यकता हुयी है ।
शिअद प्रमुख ने कहा, ‘‘जिस प्रकार से विभाजनकारी राजनीति से राज्य का माहौल खराब किया जा रहा है, इससे वह अपने अंतिम दिनों में काफी चिंतित थे। उन्होंने महसूस किया कि पंजाबियों को अलगाववादी बताकर और उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगा कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।’’
सुखबीर ने कहा, ‘‘बादल साहब जैसा चाहते थे, मैने उसी तरीके से पंजाब को आगे ले जाने का संकल्प लिया है। पूरी पार्टी इसके लिये प्रतिबद्ध है । हमलोग बादल साहब के किसान समर्थक और गरीब समर्थक नीतियों का पालन करेंगे और हम शांति और साम्प्रदायिक सद्भाव के सिद्धांतों पर मजबूती से खड़े हैं ।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने 70 साल के सार्वजनिक जीवन में जो किया, अगर मैं उसका 10 फीसदी भी कर सकूं तो यह (मेरी) सफलता होगी।’’
जालंधर लोकसभा सीट कांग्रेस का गढ़ माना जाता है और 1999 से अब तक इस सीट से कांग्रेस उम्मीदवार कभी पराजित नहीं हुआ है ।
भारतीय जनता पार्टी ने इस सीट से शिअद छोड़ कर भाजपा में शामिल हुये इकबाल सिंह अटवाल को मैदान में उतारा है। शिअद के साथ 2020 में गठबंधन टूटने के बाद पहली बार लोकसभा चुनाव अकेले लड़ रही है।
कांग्रेस ने जालंधर लोकसभा उपचुनाव के लिये करमजीत कौर को उम्मीदवार बनाया है। करमजीत कांग्रेस के दिवंगत सांसद चौधरी की पत्नी हैं। प्रदेश में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के पूर्व विधायक सुशील रिंकू को मैदान में उतारा है जो उपचुनाव की घोषणा के बाद हाल ही में पार्टी छोड़ कर आप में शामिल हो गये थे।
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