राइनलैंड पैलेटिनेट में 35 साल बाद बदलेगी सरकार?

जर्मनी के राज्य राइनलैंड पैलेटिनेट में आज लोग अपनी अगली सरकार चुनने जा रहे हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

जर्मनी के राज्य राइनलैंड पैलेटिनेट में आज लोग अपनी अगली सरकार चुनने जा रहे हैं. संभावना जताई जा रही है कि इस बार यहां सेंटर राइट पार्टी सीडीयू सत्ता में आ सकती है.पश्चिमी जर्मनी का राज्य राइनलैंड पैलेटिनेट आज अपनी सरकार चुनने के लिए वोट कर रहा है. राइजलिंग वाइन के लिए मशहूर इस राज्य के लगभग 30 लाख मतदाता आज तय करेंगे कि उनके राज्य में कौन सी पार्टी अगली सरकार बनाएगी. रविवार सुबह आठ बजे से शुरू हुई वोटिंग शाम के छह बजे तक चलेगी. इसके तुरंत बाद ही एग्जिट पोल भी आ जाएंगे और जल्दी ही तस्वीर साफ हो जाएगी.

फ्रांस, बेल्जियम और लग्जमबर्ग की सीमा से सटा से राज्य अपने खूबसूरत महलों के लिए जाना जाता है. यहां जर्मनी की बड़ी इंडस्ट्रियल कंपनियां भी मौजूद हैं. इनमें स्टील और केमिकल कंपनी बीएएसएफ का नाम शामिल है. इसके साथ ही यहां अमेरिकी सैन्य अड्डे और रामश्टाइन एयर बेस भी मौजूद है.

एसपीडी के हाथों से जा सकती है सत्ता?

पिछले 35 सालों से इस राज्य में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी की सत्ता रही है. हालांकि, चुनाव पूर्व अनुमान बता रहे हैं कि इस बार तस्वीर बदल सकती है. चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स की कंजर्वेटिव पार्टी सीडीयू को इस राज्य में जीत की संभावना है. अगर मैर्त्स की पार्टी जीतती है, तो यह एसपीडी के लिए एक बड़ा झटका होगा.

हालांकि, चुनाव से पहले हुए सर्वे एक कड़े मुकाबले की ओर इशारा कर रहे हैं. जर्मनी के सरकारी मीडिया जेडडीएफ के इस सर्वे में 29 फीसदी अंकों के साथ सीडीयू एसपीडी से कुछ ही कदम आगे दिखी. एसपीडी को 27 फीसदी वोट मिलने का अनुमान जताया गया है.

सीडीयू की तरफ से इस बार गॉर्डन श्नाइडर को उम्मीदवार के तौर पर उतारा गया है. उनके चुनावी अभियान के दौरान मैर्त्स ने बीते शुक्रवार को कहा था कि उनकी पार्टी जीतना चाहती है और इस जीत से उन्हें बेहद खुशी होगी. मैर्त्स की पार्टी को उम्मीद है कि श्नाइडर 1991 के बाद सीडीयू को फिर से इस राज्य की सत्ता दिलवा सकते हैं.

हालांकि, मैर्त्स ने यह भी कहा कि अगर सीडीयू जीतती है तो इससे दोनों ही पार्टियों का ध्यान राष्ट्रीय स्तर पर सरकार में सहयोग करने से नहीं भटकना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि वे एसपीडी नेताओं से बातचीत जारी रखेंगे कि कैसे जर्मनी को एक साथ मिलकर वे पटरी पर ला सकते हैं.

देश के अन्य हिस्सों की तरह, धुर दक्षिणपंथी पार्टी एएफडी, यहां के चुनावों में भी अच्छा प्रदर्शन कर सकती है. जेडडीएफ के सर्वे में 20 फीसदी के साथ एएफडी तीसरे नंबर पर रही थी. वहीं ग्रीन पार्टी के चौथे नंबर पर रहने का अनुमान है.

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