देश की खबरें | पिता पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला को पुनर्वास, कानूनी सहायता प्रदान करेंगे : आयोग

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने उच्चतम न्यायालय को मंगलवार को बताया कि वह 19 वर्षीय एक युवती को "समग्र पुनर्वास" और कानूनी सहायता मुहैया कराएगा, जिसने आरोप लगाया है कि जब वह नाबालिग थी तो उसके पिता ने उसका यौन उत्पीड़न किया था।

नयी दिल्ली, 28 सितंबर दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने उच्चतम न्यायालय को मंगलवार को बताया कि वह 19 वर्षीय एक युवती को "समग्र पुनर्वास" और कानूनी सहायता मुहैया कराएगा, जिसने आरोप लगाया है कि जब वह नाबालिग थी तो उसके पिता ने उसका यौन उत्पीड़न किया था।

आयोग ने न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति सी टी रविकुमार की पीठ को बताया कि कि दिल्ली में बलात्कार और दुराचार पीड़ितों के पुनर्वास के लिए कोई विशेष नीति नहीं है, लेकिन डीसीडब्ल्यू स्वयं उन पीड़ितों का पुनर्वास करता है, जिन्हें इसकी सख्त आवश्यकता होती है।

शीर्ष अदालत के समक्ष दायर एक हलफनामे में डीसीडब्ल्यू ने कहा कि ऐसे पीड़ितों को उनके द्वारा प्रदान किए गए पुनर्वास में वित्तीय सहायता, शिक्षा तक पहुंच, कौशल विकास और नौकरी के अवसरों की सुविधा शामिल है। न्यायालय पीड़िता की शिकायत पर दर्ज मामले को अंबाला से दिल्ली में स्थानांतरित करने के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था।

पीठ ने याचिकाकर्ता की तरफ से पेश वकील से इस संबंध में आयोग के अधिकारियों से बातचीत करने को कहा। इसके साथ ही उसने मामले की अगली सुनवाई बुधवार को निर्धारित कर दी।

पीठ ने कहा कि वे डीसीडब्ल्यू अधिकारियों के साथ बातचीत कर सकते हैं और इन सभी बातों का उल्लेख कर सकते हैं ताकि वे उचित कदम उठा सकें।

शीर्ष अदालत ने कहा कि पहला मुद्दा महिला को तत्काल राहत और सुरक्षा प्रदान करना है और आयोग उसे मदद देने को तैयार है।

अधिवक्ता अक्षिता गोयल द्वारा दायर याचिका में महिला ने दावा किया है कि जब वह नाबालिग थी तब उसके पिता ने उसका यौन उत्पीड़न किया था और 2016 में उसकी मां का निधन हो जाने के कारण परिवार में उसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है।

आयोग ने कहा कि सभी मामलों में, खासकर यौन उत्पीड़न के मामले में, आयोग सर्वोत्तम संभव परामर्श, मनोवैज्ञानिक सहायता, उचित चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच के साथ-साथ पीड़ित को कानूनी सहायता प्रदान करने का प्रयास करता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now