राहुल गांधी को अयोग्य ठहराए जाने के मामले पर नहीं करूंगा कोई टिप्पणी: CM नीतीश कुमार
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराए जाने पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए बुधवार को कहा कि वह अदालत के आदेश से जुड़े मामलों में ऐसा करने से बचते हैं.
पटना, 29 मार्च : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराए जाने पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए बुधवार को कहा कि वह अदालत के आदेश से जुड़े मामलों में ऐसा करने से बचते हैं. हालांकि, नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने इस मुद्दे पर टिप्पणी की है. नीतीश कुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा कि मौजूदा समय में विपक्ष को एकजुट करने की जरुरत है और वह मुद्दे को लेकर कांग्रेस के आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस तर्क की खिल्ली उड़ाई कि ‘भ्रष्टाचारी हाथ मिला रहे हैं.’ नीतीश कुमार ने मोदी की आलोचना करते हुए कहा, ‘‘ बातें करते रहना उनकी (मोदी की) आदत है. ये लोग केवल आत्म-प्रशंसा में विश्वास रखते हैं. वे दूसरों के बारे में अच्छा नहीं बोल सकते. हम अपना काम करते हैं लेकिन दूसरों के अच्छे काम की सराहना भी करते हैं. केंद्र में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के शासनकाल के दौरान जो कुछ हासिल हुआ था, वह मुझे हमेशा याद रहा है. ’’
गौरतलब है कि नीतीश कुमार वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल रहे थे. उन्होंने मोदी पर यह कहते हुए कटाक्ष किया कि ‘उन्हें भ्रष्टाचार पर बोलते समय एक रिकॉर्ड रखना चाहिए कि वह किस प्रकार के लोगों के साथ गठबंधन करते हैं.’ नीतीश कुमार ने बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘अब जब मैंने तेजस्वी और उनकी पार्टी के साथ गठबंधन किया है तो उन्हें एक बार फिर उन मामलों में फंसाया जा रहा है, जिनमें जांचकर्ता बीते वर्षों में कोई साक्ष्य नहीं जुटा सके हैं.’’ राहुल गांधी को अयोग्य ठहराए जाने के मामले में नीतीश कुमार की “चुप्पी” से कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ मैं कभी भी किसी ऐसे मामले पर नहीं बोलता जिसमें अदालत का आदेश शामिल हो. मैंने अतीत में ऐसा कभी नहीं किया है. इसके अलावा, मेरी पार्टी पहले ही संसद के अंदर और बाहर इस मुद्दे पर स्पष्ट रूप से बोल चुकी है.’’ जद-(यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह सहित पार्टी के अन्य नेताओं ने राहुल गांधी को अयोग्य ठहराए जाने की कड़ी निंदा की है और इसे केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रतिशोध की राजनीति करार दिया है. यह भी पढ़ें : जम्मू-कश्मीर: पुलिस ने पासपोर्ट को लेकर दायर इल्तिजा की रिट याचिका खारिज करने का अनुरोध किया
उच्च न्यायालय में राहुल को अयोग्य ठहराने के फैसले को चुनौती देने के बारे में पूछे जाने पर नीतीश कुमार ने कहा, ‘‘यह हर व्यक्ति का अधिकार है. मैं पहले ही कह चुका हूं कि समय की मांग है कि सभी राजनीतिक दल साथ आएं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं विपक्षी एकता के लिए मंच को तैयार करने के लिए दो बार दिल्ली गया था. गेंद अब कांग्रेस के पाले में है, विभिन्न समूहों को साथ लेने के लिए, मैं उनके आगे बढ़ने का इंतजार कर रहा हूं.’’ गौरतलब है कि सूरत की एक अदालत द्वारा मानहानि के मामले में सजा सुनाए जाने के मद्देनजर केरल की वायनाड संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे राहुल गांधी को बीते शुक्रवार को लोकसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया था. सूरत की एक अदालत ने ‘मोदी उपनाम’ संबंधी टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ 2019 में दर्ज आपराधिक मानहानि के एक मामले में उन्हें पिछले बृहस्पतिवार को दो साल कारावास की सजा सुनाई थी. अदालत ने, हालांकि राहुल को जमानत भी दे दी और उनकी सजा के अमल पर 30 दिनों तक के लिए रोक लगा दी, ताकि वह फैसले को चुनौती दे सकें
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 29, 2023 03:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

