जरुरी जानकारी | वन्य जीव बोर्ड का कोल इंडिया को देहिंग पटकाई वन क्षेत्र में खनन रोकने का निर्देश

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) ने कोल इंडिया को असम के देहिंग पटकाई वन क्षेत्र में अपनी सभी खनन गतिविधियां रोकने का निर्देश दिया है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी खान सुधार योजना सौंपने में विफल रही है जिसकी वजह से बोर्ड ने यह निर्देश दिया है।

गुवाहाटी, 22 जुलाई राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) ने कोल इंडिया को असम के देहिंग पटकाई वन क्षेत्र में अपनी सभी खनन गतिविधियां रोकने का निर्देश दिया है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी खान सुधार योजना सौंपने में विफल रही है जिसकी वजह से बोर्ड ने यह निर्देश दिया है।

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत एनबीडब्ल्यूएल की स्थायी समिति की इसी महीने हुई 58वीं बैठक में कोल इंडिया के सालेकी के प्रस्तावित वन क्षेत्र में खनन आवेदन पर विचार किया गया। यह क्षेत्र देहिंग पटकाई हाथी अभयाण्य का हिस्सा है।

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इससे पहले अप्रैल में हुई बैठक में एनबीडब्ल्यूएल ने कोल इंडिया के खनन को वैध करने की सिफारिश की थी। कंपनी 2003 से 2019 तक वन क्षेत्र में बिना मंजूरी के खनन करती रही है। हालांकि, इस मंजूरी के लिए कंपनी को 28 शर्तों को पूरा करना था।

सिफारिश के अनुसार कंपनी को असम के वन विभाग के साथ विचार-विमर्श में सुधार के साथ साइट केंद्रित एक विकास योजना पेश करनी थी। इसके अलावा कंपनी को बिना टूटे क्षेत्र में भूमिगत खनन के लिए व्यवहार्यता रिपोर्ट के साथ अन्य शर्तों के अनुपालन से संबंधित रिपोर्ट देनी थी।

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एनबीडब्ल्यूएल की आधिकारिक वेबसाइट पर हाल में डाले गए 58वीं बैठक के ब्योरे के अनुसार, ‘‘सदस्य सचिव ने बताया कि पहले से टूटे क्षेत्र के विकास के लिए न तो कंपनी और न ही राज्य सरकार ने कोई विकास योजना सौंपी है।’’

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर की अध्यक्षता में तीन जुलाई को हुई स्थायी समिति की बैठक में यह भी बताया कि यह मामला अभी उच्चतम न्यायालय और गौहाटी उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

विचार-विमर्श के बाद स्थायी समिति ने खनन गतिविधियां तत्काल रोकने की सिफारिश की। साथ ही इस मामले को कोल इंडिया के साथ आगे बातचीत तक टाल दिया।

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