कोच्चि, एक फरवरी कांग्रेस विधायक रोजी एम. जॉन ने कहा कि जंगली जानवरों को आबादी वाले इलाकों में घुसने पर दर्द महसूस होना चाहिए, तभी वे भविष्य में ऐसा करने से बचेंगे।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर आबादी वाले इलाकों में घुसने वाले जंगली सूअरों को मार दिया जाता है तो लोगों को शव को केरोसिन में जलाने के बजाय उसे पकाकर खाने की अनुमति दी जानी चाहिए।
अंगमाली निर्वाचन क्षेत्र से विधायक ने हाल ही में यहां संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की ‘मलयोरा समारा यात्रा’ विरोध मार्च को संबोधित करते हुए कहा कि लोगों को अपनी फसलों और संपत्ति को नष्ट करने वाले जंगली जानवरों को मारने का अधिकार होना चाहिए।
विधायक ने कहा, “चाहे कोई भी जंगली जानवर आबादी वाले इलाकों में घुसे, उसे शारीरिक पीड़ा महसूस होना चाहिए। चाहे वह हाथी हो, बाघ हो या कोई और जंगली जानवर। अगर जानवर को एहसास हो जाए कि आबादी वाले इलाकों में घुसने पर उसे दर्द होगा, तो वह ऐसा करना बंद कर देगा।”
उन्होंने यह टिप्पणी राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में की।
कुछ दिन पहले, कांग्रेस के एक अन्य विधायक सनी जोसेफ ने जंगली सूअरों को मिट्टी का तेल डालकर जलाने के बजाय नारियल के तेल में पकाने की अनुमति देने के लिए कानून बनाने की मांग की थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY