विदेश की खबरें | निजी आवास में आगजनी पर बोले विक्रमसिंघे, चार हजार से ज्यादा किताबें और 125 साल पुराना पियानो जला
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. श्रीलंका के कार्यवाहक राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने मंगलवार को कहा कि नौ जुलाई को सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के एक समूह द्वारा उनके निजी आवास में आग लगाए जाने के बाद वहां मौजूद ज्यादातर चीजें नष्ट हो गई हैं।
कोलंबो, 19 जुलाई श्रीलंका के कार्यवाहक राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने मंगलवार को कहा कि नौ जुलाई को सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के एक समूह द्वारा उनके निजी आवास में आग लगाए जाने के बाद वहां मौजूद ज्यादातर चीजें नष्ट हो गई हैं।
विक्रमसिंघे ने बताया कि आगजनी में उनके 125 साल पुराने पियानो को नुकसान पहुंचा है और चार हजार से ज्यादा किताबें जलकर खाक हो गई हैं।
अभूतपूर्व आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने नौ जुलाई को राष्ट्रपति आवास और कई अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर धावा बोलने के कुछ घंटों बाद विक्रमसिंघे के कैंब्रिज प्लेस स्थित निजी आवास को आग के हवाले कर दिया था।
‘सीएनएन’ को दिए साक्षात्कार में विक्रमसिंघे ने कहा कि आग से उनके निजी आवास में रखी ज्यादातर चीजें नष्ट हो गई हैं।
उन्होंने कहा, “मैंने अपनी चार हजार से ज्यादा किताबें गंवा दी हैं, जिनमें से कई सदियों पुरानी थीं। 125 साल पुराना मेरा एक पियानो भी आग से खराब हो गया।”
दस जुलाई को ‘डेली मिरर’ ने ट्विटर पर एक वीडियो साझा कर आग से तबाह विक्रमसिंघे के निजी आवास और एक क्षतिग्रस्त सिडान सहित अन्य वस्तुओं की झलक दिखाई थी।
वीडियो में विक्रमसिंघे के आवास के अंदर और बाहर कई जले हुए चित्र और कलाकृतियां जमीन पर बिखरी नजर आई थीं।
कार्यवाहक राष्ट्रपति ने कहा कि वह शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करने के प्रदर्शनकारियों के अधिकार का सम्मान करते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह प्रदर्शनकारियों को प्रधानमंत्री के निजी निवास या राष्ट्रपति आवास जैसी अहम सरकारी इमारतों पर कब्जा करने की अनुमति नहीं देंगे।
विक्रमसिंघे ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को सरकारी प्रतिष्ठानों पर धावा बोलने और संसद की कार्यवाही में बाधा डालने से रोकने के लिए उन्होंने श्रीलंका के सशस्त्र बलों और पुलिस को कोई भी आवश्यक कार्रवाई करने की छूट दे दी है।
उन्होंने कहा, “संसद और सांसदों को उनके कर्तव्यों का निर्वहन करने से न रोकें। हम पुलिस और सेना को हथियार का इस्तेमाल करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। उन पर कई मौकों पर हमले हुए हैं, बावजूद इसके हमने उनसे कहा है कि जितना हो सके, हथियार का इस्तेमाल न करें।”
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