देश की खबरें | मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के लिए एनआरसी जैसी प्रक्रियाएं क्यों अपनाई जा रही हैं:महमूद मदनी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एमएम)के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर चिंता जताते हुए बृहस्पतिवार को पूछा कि इस कवायद के लिए “एनआरसी जैसी प्रक्रियाएं क्यों अपनाई जा रही हैं?”
नयी दिल्ली, तीन जुलाई प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एमएम)के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर चिंता जताते हुए बृहस्पतिवार को पूछा कि इस कवायद के लिए “एनआरसी जैसी प्रक्रियाएं क्यों अपनाई जा रही हैं?”
मदनी ने एक बयान में इस कवायद को “संवैधानिक अधिकारों और लोकतांत्रिक न्याय के मूल सिद्धांतों पर सीधा हमला” बताते हुए कहा कि इससे खासतौर पर प्रवासी मजदूरों, अल्पसंख्यकों और वंचित तबकों के अपने मौलिक मताधिकार से वंचित होने का खतरा है।
उन्होंने कहा कि मतदान के अधिकार को किसी भी रूप में छीनने का प्रयास न सिर्फ संविधान की आत्मा के विरुद्ध है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी गहरा आघात होगा।
राज्यसभा के पूर्व सदस्य ने सवाल उठाया कि आठ करोड़ से अधिक मतदाताओं की पुष्टि महज़ एक महीने में कैसे मुमकिन है?
उन्होंने एक जुलाई 1987 के बाद जन्म लेने वाले लोगों से अपने माता या पिता में से किसी का एक दस्तावेज़ और 2004 के बाद जन्म लेने वाले लोगों से अपने माता-पिता दोनों के दस्तावेज़ मांगे जाने पर भी आपत्ति जताई।
मदनी ने पूछा, "अगर यह एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिकता पंजी) नहीं है तो फिर एनआरसी जैसी प्रक्रियाएं क्यों लागू की जा रही हैं?"
उन्होंने चेतावनी दी कि इस पुनरीक्षण कवायद से असम के एनआरसी की तरह, ऐसी हजारों महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित होंगी, जो औपचारिक शिक्षा और दस्तावेजों से वंचित हैं, क्योंकि उनके पास अपने माता-पिता से जुड़ा कोई वैध प्रमाण नहीं होगा।
मौलाना ने मांग की “निर्वाचन आयोग इस विशेष पुनरीक्षण से संबंधित निर्णय को अविलंब वापस ले और एक व्यावहारिक व यथोचित समयसीमा तय करे। साथ ही, मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया को सामान्य व पारंपरिक तरीकों से चलाया जाए, न कि एनआरसी जैसी पद्धतियों से।”
निर्वाचन आयोग ने बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण पर कई राजनीतिक दलों द्वारा अपनी चिंता जताए जाने के बाद बृहस्पतिवार को कहा कि उसने विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों को उनकी आशंकाओं को दूर करने के मकसद से पूरी कवायद के बारे में ब्यौरा दे दिया है।
आयोग ने राजनीतिक दलों से कहा कि सभी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए यह प्रक्रिया योजनाबद्ध और चरणबद्ध तरीके से की जा रही है।
जिन मतदाताओं के नाम एक जनवरी, 2003 तक मतदाता सूची में मौजूद हैं, उन्हें केवल गणना प्रपत्र और सूची का एक अंश जमा करना होगा। उन्हें कोई अन्य दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 03, 2025 09:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

