COVID-19- पुनः संक्रमित होने के 30 दिन बाद ज्यादातर लोगों को कोविड जांच करवाने की जरूरत क्यों पड़ती है?

ऑस्ट्रेलिया समेत दुनियाभर में कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप से लोगों के संक्रमित होने के साथ ही, उन लोगों के भी पुनः संक्रमित होने का खतरा है जो पहले कोविड से पीड़ित हो चुके हैं.

(Photo Credit : Pixabay)

पर्थ, 12 फरवरी : ऑस्ट्रेलिया समेत दुनियाभर में कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप से लोगों के संक्रमित होने के साथ ही, उन लोगों के भी पुनः संक्रमित होने का खतरा है जो पहले कोविड से पीड़ित हो चुके हैं. यदि संक्रमण मुक्त होने के 30 दिन के भीतर आप पुनः संक्रमित होते हैं तो आपको दोबारा कोविड जांच करवाने या पृथक-वास में जाने की जरूरत नहीं है. कुछ देशों में आपको 90 दिन तक दोबारा जांच करवाने की जरूरत नहीं है जब तक कि आपके भीतर संक्रमण के कोई नए लक्षण नहीं हों.

ऐसा क्यों होता है?

शरीर में ओमीक्रोन के ‘इन्क्यूबेशन’ की अवधि क्या है?

वायरस से संक्रमित होने और कोविड के लक्षण विकसित होने में एक से 14 दिन लगते हैं. इस समय को ‘इन्क्यूबेशन’ काल कहा जाता है. कुछ लोगों में संक्रमण के बाद पांचवें और छठे दिन से ही लक्षण दिखने लगते हैं. अध्ययन में सामने आया है कि ओमीक्रोन का ‘मीडियन’ (मध्य) इन्क्यूबेशन काल और भी कम है. अमेरिका और यूरोप में किये गए अध्ययन में पाया गया कि ओमीक्रोन का मीडियन इन्क्यूबेशन काल तीन दिन का है. यह भी पढ़ें : COVID-19 Update: भारत में 50,407 नए मामले आए सामने, 804 और लोगों की मौत

ओमीक्रोन से पुनः संक्रमण में वृद्धि

अनुसंधान में सामने आया है कि वायरस के पिछले स्वरूपों की तुलना में ओमीक्रोन उन लोगों को पुनः संक्रमित करने में अधिक सक्षम है जो पहले कोविड से पीड़ित हो चुके हैं. इम्पीरियल कॉलेज लंदन के एक दल ने अनुमान लगाया है कि डेल्टा की अपेक्षा ओमीक्रोन से, दोबारा संक्रमित होने का खतरा 5.4 गुना अधिक है. इसलिए जिन्हें ओमीक्रोन से पहले के स्वरूपों से कोविड हो चुका है उन्हें वायरस के डेल्टा स्वरूप की तुलना में ओमीक्रोन से पुनः संक्रमित होने का खतरा पांच गुना ज्यादा है.

दोबारा जांच कराने से पहले कब तक इंतजार करना चाहिए?

दुनियाभर में हुए अध्ययन से पता चला है कि एक बार संक्रमित होने के बाद 30-90 दिन तक आपको दोबारा जांच कराने की जरूरत नहीं है. वायरस से संक्रमित होकर ठीक होने के बाद ज्यादातर लोगों में कुछ प्रतिरक्षा विकसित हो जाती है इसलिए उन्हें इतने कम समय में पुनः संक्रमित होने का खतरा कम होता है. इटली में संक्रमण फैलने का केंद्र रहे एक स्थान पर किये गए अध्ययन में सामने आया कि जिन लोगों को कोविड हो चुका है उन्हें पुनः संक्रमण होने पर कम से कम चार सप्ताह बाद दोबारा जांच करानी चाहिए. अध्ययन में सामने आया कि संक्रमण की पहली बार पुष्टि होने के बाद वायरस को शरीर से निकलने में औसतन 30 दिन का समय लगता है और पहली बार लक्षण आने के लगभग 36 दिन बाद शरीर संक्रमण मुक्त होता है.

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