नयी दिल्ली, 19 जून महिला और पति की कथित ‘हत्यारिन’ की दोहरी पहचान के कारण सोनम, मुस्कान, शिवानी, रवीना, राधिका... पिछले कुछ महीनों में न केवल सुर्खियों में रहीं और बदनामी पायी बल्कि उन्होंने स्त्रीत्व और अपराध के बारे में पारंपरिक धारणाओं को भी चुनौती दी है।
देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहीं ये युवतियां रोजमर्रा की अपनी साधारण जिंदगी जी रही थीं लेकिन अपने पतियों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद वे रातोंरात सुर्खियों में आ गयीं। छोटे शहरों की इन औरतों ने सबसे क्रूर तरीके से महिलाओं के लिए समाज में सदियों से गढ़ी धारणाओं को तोड़ा, जिसके बाद सोशल मीडिया पर स्त्रीद्वेषी ‘मीम्स’ और चुटकलों का दौर चल पड़ा।
सवाल कई हैं - महिलाएं अपराध क्यों करती हैं, उनके साथ पुरुष अपराधियों से अलग व्यवहार क्यों किया जाता है, क्या वे सशक्तीकरण का प्रदर्शन कर रही हैं या फिर यह संकेत दे रही हैं कि वास्तव में वे अबला नारी हैं।
विद्वानों का मानना है कि यह सामाजिक कलंक, कठोर लैंगिक भूमिकाओं और महिलाओं के लिए अवास्तविक मानदंडों की मिलीजुली प्रतिक्रिया है।
ब्रिटिश अपराध विज्ञानी फ्रांसिस हीडेनसॉन ने इस कड़ी सामाजिक प्रतिक्रिया को ‘डबल डेविएंस थ्योरी’ बताया यानी कि ऐसे अपराध की स्थिति में महिलाओं के साथ पुरुषों की तुलना में ज्यादा कठोर बर्ताव किया जाता है और समाज उन्हें दोहरे चश्मे से देखता है क्योंकि महिलाओं के लिए मान लिया गया है कि उन्हें किस तरह से व्यवहार करना चाहिए और उनके लिए कुछ स्वीकार्य सामाजिक नियम गढ़े गए हैं।
दिल्ली में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के कुलपति एवं अपराध विज्ञान के प्रोफेसर जी एस बाजपेई ने कहा कि एक महिला का किसी अपराध को अंजाम देना ‘‘न केवल किसी कानूनी नियम का उल्लंघन होता है बल्कि यह लैंगिक नियम का भी उल्लंघन माना जाता है।’’
बाजपेई ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘महिलाओं से अपेक्षा की जाती है कि वे देखभाल करने वाली और आज्ञाकारी हों। इसलिए जो महिला अपराध करती है उसे पथभ्रष्ट, असामान्य और असाधारण माना जाता है। लेकिन पुरुषों के लिए ऐसा नहीं माना जाता है। इसलिए कुछ विद्वानों ने उन्हें ‘डबल डेविएंट’ बताया है और अत: उन्हें ‘दोगुनी सजा मिलनी चाहिए।’ ऐसे मामले में समाज के लिए अपराध की प्रतिक्रिया में उसका महिला होना ज्यादा बड़ी बात हो जाती है। वह केवल अपराध नहीं है बल्कि महिला अपराधी है।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY