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जरुरी जानकारी | थोक मुद्रास्फीति जून में 19 माह बाद शून्य से नीचे 0.13 प्रतिशत पर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. खाद्य वस्तुओं एवं ईंधन की कीमतों में गिरावट के साथ विनिर्मित उत्पादों की लागत में कमी आने से थोक मुद्रास्फीति 19 माह बाद शून्य से नीचे आ गई है। जून में यह -0.13 प्रतिशत रही है। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।

जरुरी जानकारी | थोक मुद्रास्फीति जून में 19 माह बाद शून्य से नीचे 0.13 प्रतिशत पर

नयी दिल्ली, 14 जुलाई खाद्य वस्तुओं एवं ईंधन की कीमतों में गिरावट के साथ विनिर्मित उत्पादों की लागत में कमी आने से थोक मुद्रास्फीति 19 माह बाद शून्य से नीचे आ गई है। जून में यह -0.13 प्रतिशत रही है। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।

थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति मई में 0.39 प्रतिशत और जून, 2024 में 3.43 प्रतिशत के स्तर पर रही थी।

उद्योग मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘ जून, 2025 में मुद्रास्फीति में कमी की मुख्य वजह खाद्य पदार्थों, खनिज तेलों, मूल धातुओं के विनिर्माण, कच्चे पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस आदि की कीमतों में नरमी रही।’’

थोक महंगाई दर के आंकड़ों के अनुसार, जून में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 3.75 प्रतिशत की गिरावट आई जबकि मई में इनमें 1.56 प्रतिशत की गिरावट आई थी। सब्जियों की कीमतों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। जून में सब्जियों के दाम 22.65 प्रतिशत घट गए। मई में सब्जियों की महंगाई दर 21.62 प्रतिशत घटी थी।

विनिर्मित उत्पादों के मामले में मुद्रास्फीति 1.97 प्रतिशत रही, जबकि मई में यह 2.04 प्रतिशत थी।

ईंधन और बिजली में जून में यह 2.65 प्रतिशत रही, जो मई में 2.27 प्रतिशत रही थी।

उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के अध्यक्ष हेमंत जैन ने कहा कि लगातार सात महीनों से थोक मुद्रास्फीति में नरमी भारत में उच्च आर्थिक वृद्धि के लिए सकारात्मक संकेत है।

जैन ने कहा, ‘‘ भविष्य में घरेलू मांग में वृद्धि, सामान्य मानसून की उम्मीद और देश में मजबूत समग्र आर्थिक गतिविधियों को देखते हुए हमारा अनुमान है कि मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद आने वाले महीनों में थोक मुद्रास्फीति मध्यम बनी रहेगी।’’

रेटिंग एजेंसी इक्रा के वरिष्ठ अर्थशास्त्री राहुल अग्रवाल ने कहा कि जुलाई, 2025 में खाद्य कीमतों में मौसमी क्रमिक वृद्धि अबतक अपेक्षाकृत मामूली रही है जिससे खाद्य कीमतों में नरमी बने रहने का अनुमान है जबतक कि महीने के शेष दिनों में सब्जियों आदि की कीमतों में असामान्य वृद्धि न हो। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मौद्रिक नीति तैयार करते समय मुख्यतः खुदरा मुद्रास्फीति पर गौर करता है। खुदरा मुद्रास्फीति के जून के आंकड़े आज दिन में जारी किए जाएंगे।

आरबीआई ने मुद्रास्फीति में नरमी के बीच पिछले महीने प्रमुख नीतिगत दर रेपो में 0.50 प्रतिशत की भारी कटौती करके उसे 5.50 प्रतिशत कर दिया था।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 14, 2025 04:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).