कोलकाता, 11 अप्रैल उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद नौकरियां गंवाने वाले हजारों शिक्षकों ने शुक्रवार को साल्ट लेक के करुणामयी इलाके से पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) भवन तक मार्च शुरू किया और वास्तविक उम्मीदवारों की पहचान के लिए ‘ऑप्टिकल मार्क रिकॉग्निशन’ (ओएमआर) शीट जारी करने की मांग की।
विभिन्न नागरिक समाज संगठनों के सदस्य भी एकजुटता दिखाने के लिए प्रदर्शनकारियों के साथ मार्च में शामिल हुए। उन्होंने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिनपर नौकरियां बहाल करने की मांग की गई थी।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “ पात्र शिक्षकों की पहचान करने में मदद के लिए एसएससी को ओएमआर शीट की प्रतियां जारी करनी चाहिए।”
उन्होंने दावा किया कि कस्बा में डीआई कार्यालय में पिछले विरोध प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों को लात मारने के आरोपी पुलिस अधिकारी को अब प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच का जिम्मा सौंपा गया है।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम ऐसी जांच से क्या उम्मीद कर सकते हैं? किसी भी सभ्य समाज में आरोपी पीड़ितों के मामले की जांच नहीं करता।”
रैली को एसएससी भवन तक पहुंचने से रोकने के लिए ‘रैपिड एक्शन फोर्स’ के कर्मियों समेत एक बड़ी पुलिस टुकड़ी तैनात की गई। पिछले हफ्ते उच्चतम न्यायालय ने राज्य सरकार द्वारा संचालित और सहायता प्राप्त स्कूलों में 25,753 शिक्षण व गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति को अमान्य करार दिया था।
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