देश की खबरें | पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने अमित शाह से पाथर प्रतिमा विस्फोट की एनआईए जांच की अपील की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दक्षिण 24 परगना में हुए विस्फोट की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से कराने का अनुरोध किया।

कोलकाता, एक अप्रैल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दक्षिण 24 परगना में हुए विस्फोट की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से कराने का अनुरोध किया।

पाथर प्रतिमा के धोलाहाट स्थित एक घर में गैस सिलेंडर विस्फोट में घायल एक और व्यक्ति की मंगलवार सुबह मौत हो जाने के साथ ही इस घटना में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।

उसने बताया कि विस्फोट के कारण भीषण आग लग गयी थी, जो घर के अंदर रखे पटाखों के कारण और भी भड़क गयी थी।

अपने पत्र में मजूमदार ने इस घटना पर ‘गहरी चिंता’ व्यक्त की, जो कथित तौर पर एक ‘अवैध पटाखा फैक्टरी’ में हुई थी।

उन्होंने यह भी कहा कि विस्फोट एक अवैध बम बनाने वाली इकाई से जुड़ा हो सकता है जो कथित तौर पर राजनीतिक संरक्षण में चल रही है।

उन्होंने लिखा, ‘‘यह घटना एक चिंताजनक प्रवृत्ति का हिस्सा है। बंगाल में अवैध हथियारों और विस्फोटकों की घटनाओं में काफी वृद्धि नजर आयी है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।’’

मजूमदार ने विस्फोट के मूल का पता लगाने और यह निर्धारित करने के लिए एनआईए द्वारा गहन जांच की मांग की कि कहीं यह अवैध हथियारों के संचालन के एक बड़े नेटवर्क से जुड़ा तो नहीं है।

बाद में ‘एक्स’ पर इस पत्र की एक प्रति साझा करते हुए उन्होंने लिखा, ‘‘मैंने माननीय गृह मंत्री अमित शाह जी को पत्र लिखकर दक्षिण 24 परगना के धोला में हुए बड़े विस्फोट की तत्काल एनआईए जांच की मांग की है। यह महज एक दुर्घटना नहीं है, यह विफल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासन में बंगाल में बढ़ती अराजकता का लक्षण है।’’

इस घटना से राजनीतिक वाकयुद्ध पैदा हो गया है। जहां भाजपा ने एनआईए जांच की मांग की है, वहीं सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि राज्य पुलिस पहले से ही जांच कर रही है और पश्चिम बंगाल सरकार ‘ऐसी घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं करने की’ नीति पर चलती है।

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