विदेश की खबरें | सप्ताह में एक बार भारोत्तोलन करना समय पूर्व मृत्यु के जोखिम को कम करता है: नया अध्ययन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. स्टर्लिंग (ब्रिटेन), दो अक्टूबर (द कन्वरसेशन) यह सर्वविदित है कि दौड़ने और साइकिल चलाने जैसी शारीरिक गतिविधियों से मनुष्य दीर्घायु होता है और लंबे समय तक जीने की उसकी संभावना बढ़ जाती है, लेकिन भारोत्तलन करने जैसा व्यायाम मनुष्य की लंबी उम्र में कितना सहायक होता है इस बारे में अब तक कम ही जानकारी उपलब्ध है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

स्टर्लिंग (ब्रिटेन), दो अक्टूबर (द कन्वरसेशन) यह सर्वविदित है कि दौड़ने और साइकिल चलाने जैसी शारीरिक गतिविधियों से मनुष्य दीर्घायु होता है और लंबे समय तक जीने की उसकी संभावना बढ़ जाती है, लेकिन भारोत्तलन करने जैसा व्यायाम मनुष्य की लंबी उम्र में कितना सहायक होता है इस बारे में अब तक कम ही जानकारी उपलब्ध है।

अब, एक नए अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि अगर आप लंबे समय तक जीना चाहते हैं तो भारोत्तोलन जैसी शारीरिक गतिविधि को अपने नियमित व्यायाम में शामिल करना एक समझदारी भरा काम है।

ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित इस अध्ययन का उद्देश्य यह पता लगाना था कि क्या मध्यम और कठोर शारीरिक व्यायाम के साथ वजन उठाना मृत्यु के जोखिम को कम करने से जुड़ा हुआ है।

मध्यम-मेहनत वाले व्यायाम को "ऐसी गतिविधि के रूप में वर्णित किया गया है, जहां आपने हल्का पसीना बहाया या अपनी सांस और हृदय गति को मामूली उच्च स्तर तक बढ़ा दिया।"

वहीं, कठोर शारीरिक व्यायाम को ऐसी गतिविधि के रूप में वर्णित किया गया है जिसमें "पसीना बहाने या अपनी सांस और हृदय गति को बहुत उच्च स्तर तक बढ़ाने के लिए पर्याप्त शारीरिक गतिविधि की जाती है"।

मैरीलैंड के रॉकविल में नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट की एक टीम के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने अमेरिका में दस कैंसर केंद्रों के 1,00,000 पुरुषों और महिलाओं के आंकड़ों का विश्लेषण किया।

इस अध्ययन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों की औसत आयु 71 वर्ष और औसत शारीरिक भार सूचकांक (बीएमआई) 27.8 (अधिक वजन) था। उन्होंने हृदय रोग सहित किसी भी कारण से होने वाली मौतों की निगरानी करते हुए एक समूह के लोगों की निगरानी की।

बीएमआई यह बताता है कि आपके शरीर का वजन आपकी लंबाई के अनुसार ठीक है या नहीं।

इस अध्ययन में शामिल करीब 23 प्रतिशत लोगों ने माना कि वे सप्ताह में एक से छह बार के बीच वजन उठाने जैसी शारीरिक गतिविधियां करते हैं।

वहीं, करीब 32 प्रतिशत लोगों का कहना है कि वे तय सीमा से अधिक एरोबिक व्यायाम करते हैं।

अध्ययन में पता चला है कि भारोत्तोलन और एरोबिक व्यायाम कैंसर को छोड़कर किसी भी कारण से होने वाली असमय मृत्यु के जोखिम को कम करता है।

वे युवा जो वजन नहीं उठाते हैं लेकिन एरोबिक व्यायाम करते हैं, उनमें समय से पहले मृत्यु का जोखिम 24 से 34 प्रतिशत तक कम हो जाता है।

हालांकि, समय से पहले मृत्यु का सबसे कम जोखिम उन लोगों में देखा गया जिन्होंने भारोत्तोलन और एरोबिक व्यायाम दोनों किया।

उदाहरण के लिए, सप्ताह में एक या दो बार वजन उठाना और कम से कम अनुशंसित मात्रा में एरोबिक व्यायाम करने से समय से पहले मृत्यु का जोखिम 41 से 47 प्रतिशत तक कम हो जाता था।

अध्ययन में यह भी पाया गया कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को भारोत्तोलन से अधिक लाभ हुआ है।

निष्कर्षों के लिए स्पष्टीकरण-------

इन निष्कर्षों के लिए संभावित स्पष्टीकरण यह है कि भारोत्तोलन का एरोबिक व्यायाम के समान लाभकारी प्रभाव हो सकता है। उदाहरण के लिए, रक्तचाप और रक्त लिपिड (कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स) प्रोफ़ाइल में सुधार करके हृदय रोग जोखिम कारकों को कम करना।

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