देश की खबरें | लॉकडाउन के दौरान, गंगा समेत पांच प्रमुख नदियों के जल की गुणवत्ता में गिरावट: रिपोर्ट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. देश में गंगा समेत पांच प्रमुख नदियों के जल की गुणवत्ता लॉकडाउन के दौरान खराब हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बुधवार को कहा कि ऐसा नदियों में अवजल छोड़े जाने और पहाड़ों से ताजा पानी नहीं आने जैसे कारणों से हुआ है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 23 सितंबर देश में गंगा समेत पांच प्रमुख नदियों के जल की गुणवत्ता लॉकडाउन के दौरान खराब हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बुधवार को कहा कि ऐसा नदियों में अवजल छोड़े जाने और पहाड़ों से ताजा पानी नहीं आने जैसे कारणों से हुआ है।

प्रदूषण निगरानीकर्ता ने 46वें स्थापना दिवस के मौके पर जारी एक रिपोर्ट में कहा कि गंगा, व्यास, चंबल, सतलुज और स्वर्णरेखा नदियां बाहर स्नान करने की गुणवत्ता के खरी नहीं उतरती हैं।

यह भी पढ़े | Narottam Mishra on Face Mask: मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान कहा- ‘मैं मास्क नहीं पहनता हूं’.

प्रमुख नदियों में पानी की गुणवत्ता पर लॉकडाउन के प्रभाव पर रिपोर्ट के मुताबिक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (एसपीसीबी) की निगरानी वाली 19 नदियों में से सात में पानी की गुणवत्ता में सुधार हुआ।

सीपीसीबी ने कहा कि उसने एसपीसीबी से गंगा, यमुना, गोदावरी, कृष्णा, नर्मदा, व्यास, ब्रह्मपुत्र, वैतरणी, ब्राह्मणी, कावेरी, चंबल, घग्गर, महानदी, माही, पेन्नार, साबरमती, सतलज, स्वर्णरेखा और तापी नदियों के पानी का आकलन करने को कहा था।

यह भी पढ़े | Jamiya Miliya University: न्यूक्लियर प्लांट, रनवे और ब्रिज के निर्माण में जामिया का नया आविष्कार.

इस आकलन में 20 राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों ने हिस्सा लिया।

रिपोर्ट में कहा गया कि 19 नदियों से पानी के नमूने लिये गए और पीएच, घुलनशील ऑक्सीजन, जैव रसायन ऑक्सीजन मांग समेत विभिन्न मानकों पर परखा गया। इसके बाद बाहर स्नान करने के लिये प्राथमिक पानी की गुणवत्ता के 1986 पर्यावरण (संरक्षण) नियमों के अधिसूचित मानकों से इनकी तुलना की गई।

रिपोर्ट में कहा गया, “लॉकडाउन की अवधि के दौरान पांच नदियों-व्यास, चंबल, गंगा, सतलुज और स्वर्णरेखा के पानी की गुणवर्ता में सुधार नहीं हुआ।”

इसमें कहा गया कि नदियों के पानी की गुणवत्ता में सुधार नहीं होने की वजह अशोधित अवजल को नदियों में छोड़ा जाना, सूखे मौसम के कारण उच्च प्रदूषकों का सांद्रण और ऊंचाई से ताजा पानी नहीं आना आदि शामिल हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\