देश की खबरें | असम, मणिपुर में कई नदियों का जलस्तर बढ़ा : केंद्रीय जल आयोग के आंकड़े
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नयी दिल्ली, 31 मई केंद्रीय जल आयोग ने कहा है कि असम और मणिपुर में ब्रह्मपुत्र और बराक सहित छह नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण क्षेत्र में कई जिले बाढ़ के खतरे का सामना कर रहे हैं।
असम के निमतीघाट में ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर बढ़कर 85.25 मीटर हो गया है जो इसके खतरे के निशान से 0.29 मीटर ऊपर है जबकि बराक नदी का भी जलस्तर बढ़ गया है।
सीडब्ल्यूसी के आंकड़ों के अनुसार, मणिपुर के इंफाल जिले में, चोटबेकरा में बराक नदी का जलस्तर बढ़ कर 30.15 मीटर पर पहुंच गया है जो इसके खतरे के निशान से 3.95 मीटर ऊपर है। जलस्तर में बढ़ोतरी से आसपास के इलाकों को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
असम में, बराक नदी ने विभिन्न जिलों को प्रभावित करना जारी रखा है। करीमगंज जिले के बदरपुर घाट में नदी का जलस्तर बढ़कर 18.13 मीटर हो गया है जो खतरे के निशान से 1.28 मीटर ऊपर है जबकि कछार जिले के अन्नपूर्णा घाट में जलस्तर 21.52 मीटर है जो इसके खतरे के निशान से 1.69 मीटर ऊपर है।
कछार जिले के फुलेरताल में जलस्तर 25.94 मीटर है जो खतरे के निशान से 2.06 मीटर अधिक है। कछार जिले के ही ढोलई में जलस्तर 24.9 मीटर है जो खतरे के निशान से 0.32 मीटर अधिक है।
आयोग ने कहा कि नगांव जिले में कामपुर के कोपिली नदी का भी जलस्तर बढ़ गया है जो 62.08 मीटर पर बह रही है। यह जलस्तर खतरे के निशान 60.5 मीटर से 1.58 मीटर ऊपर है।
इसके अलावा करीमगंज जिले में कुशियारा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.56 मीटर ऊपर है। घारमुरा में धलेश्वरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात ‘रेमल’ के कारण हुई भारी बारिश से असम के नौ जिलों में बाढ़ की स्थिति के कारण दो लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
राज्य में 28 मई से बाढ़, बारिश और तूफान के कारण कुल छह लोगों की मौत हुई है।
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