देश की खबरें | यूरोप, पश्चिम एशिया में युद्धों ने भारतीय उद्यमियों के लिए अवसर पैदा किए : सीडीएस चौहान
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कोलकाता, 20 दिसंबर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने शुक्रवार को कहा कि यूरोप और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में महत्वपूर्ण व्यवधान पैदा किया है, लेकिन इन चुनौतियों ने भारतीय उद्यमियों के लिए नए अवसर खोले हैं।
जनरल चौहान ने 21वें ‘यंग इंडियन नेशनल समिट-टेक प्राइड’ को डिजिटल तरीके से संबोधित करते हुए मौजूदा दौर को तकनीकी, आर्थिक, पर्यावरणीय और जनसांख्यिकीय क्षेत्रों में ‘‘बड़े, वैश्विक व्यवधान’’ वाला दौर बताया। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर व्यवधान एक अवसर प्रस्तुत करता है।
यूक्रेन और पश्चिम एशिया में युद्धों का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए, सीडीएस ने कहा, ‘‘दोनों युद्धों ने भू-राजनीतिक माहौल को बाधित किया है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में बड़े व्यवधान पैदा किए हैं। हालांकि, मेरा मानना है कि हर व्यवधान में एक अवसर छिपा होता है।’’ उन्होंने विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्र की ओर इशारा किया, जहां घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए बाजार बने हैं।
जनरल चौहान ने व्यवधानों को अवसरों में बदलने की लगातार चुनौती पर भी चर्चा की, तथा भारत द्वारा अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखने के महत्व पर बल दिया। सम्मेलन में एक हजार से अधिक प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘भारत वैश्विक उद्यमों के पथ प्रदर्शक के रूप में उभरा है तथा अब यह दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।’’
उन्होंने कहा कि भारत में 1.26 लाख पंजीकृत स्टार्ट-अप हैं, जो इसे वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा ‘स्टार्ट-अप इकोसिस्टम’ बनाता है। इसके अतिरिक्त, सेवाओं, संचार, आईटी और आईटीईएस (सूचना प्रौद्योगिकी समर्थित सेवाएं) में 12,000 नए पेटेंट पंजीकृत किए गए हैं, और इन क्षेत्रों में 10 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है।
जनरल चौहान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि भारत वैश्विक आर्थिक शक्तियों की शीर्ष पंक्ति में पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि देश को पहले से ही नौकरी चाहने वाले के बजाय नौकरी देने वाले के रूप में देखा जाता है और दुनिया तेजी से ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भूमिका को पहचान रही है, जहां युवा और महिलाएं प्रमुख भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने साइबर सुरक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्रों में स्टार्ट-अप की वृद्धि को भी रेखांकित करते हुए कहा, ‘‘हमारे युवा उद्यमी विशिष्ट क्षेत्रों में आगे बढ़ने और सर्वश्रेष्ठ के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए खुद को उन्नत बना रहे हैं।’’ उन्होंने उल्लेख किया कि कुछ भारतीय स्टार्ट-अप तो उपग्रह भी प्रक्षेपित कर रहे हैं।
उद्यमियों को ‘‘बड़े सपने देखने’’ के लिए प्रोत्साहित करते हुए जनरल चौहान ने उत्पादन बढ़ाने, विशेष रूप से ‘‘मेक इन इंडिया’’ पहल पर ध्यान केंद्रित करने तथा भारत को व्यापक समाधान के साथ रक्षा उत्पादों का एक विश्वसनीय निर्यातक बनने का आह्वान किया।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत युवा शक्ति पर ध्यान केंद्रित करने के साथ सरकारी संस्थानों की मदद से साइबर सुरक्षा में अत्याधुनिक तकनीक विकसित कर रहा है, जिससे प्रभावी राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है। जनरल चौहान ने कहा कि भारत में 45 प्रतिशत स्टार्ट-अप का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं, जो राष्ट्र निर्माण में नारी शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।
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