अमेरिका में फंसे भारतीयों को वापस लाने का सरकार को निर्देश देने से पूर्व इंतजार जरूरी: न्यायालय
शीर्ष अदालत ने कहा कि अमेरिकी सरकार ने वहां फंसे भारतीयों की वीजा अवधि बढ़ा दी है और ऐसी स्थिति में उन्हें वापस लाने के बारे में कोई भी आदेश देना मुश्किल है।
नयी दिल्ली, 21 अप्रैल उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से अमेरिका में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के बारे में सरकार को कोई निर्देश देने से पहले कुछ दिन इंतजार करने की आवश्यकता है क्योंकि दोनों ही देश उनकी मदद के प्रयास कर रहे हैं।
शीर्ष अदालत ने कहा कि अमेरिकी सरकार ने वहां फंसे भारतीयों की वीजा अवधि बढ़ा दी है और ऐसी स्थिति में उन्हें वापस लाने के बारे में कोई भी आदेश देना मुश्किल है।
न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने कहा, ‘‘ हम कितना भी चाहें, तत्काल उन्हें यहां नहीं ला सकते। उनकी मदद की जा रही है। वे पूरे अमेरिका में फैले हुये हैं और उन्हें वापस नहीं लाया जा सकता। अमेरिकी प्रशासन ने उनके वीजा की अवधि बढ़ा दी है। कुछ समय इंतजार करना होगा।’’
यह याचिका दायर करने वाली वरिष्ठ अधिवक्ता विभा दत्ता मखीजा ने पीठ से कहा कि वीजा की अवधि बढ़ाने की फीस करीब 500 अमेरिकी डालर है और इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि वीजा की अवधि बढ़ेगी।
केन्द्र की ओर से सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि दूसरे देशों से लोगों को निकालने का काम पहले किया गया था लेकिन अब कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए लागू यात्रा पाबंदियों के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे बंद कर दिया गया है।
पीठ ने इस कथन का संज्ञान लेते हुये टिप्पणी की कि इस समय अमेरिका में फंसे भारतीयों को निकालने के बारे में कोई भी आदेश नहीं दिया जा सकता।
पीठ ने ईरान में फंसे करीब 800 मछुआरों को सुरक्षित वापस लाने के लिये एक अन्य याचिका पर भी अलग से सुनवाई की।
मेहता ने पीठ को सूचित किया कि ईरान में अंतर-प्रांतीय लॉकडाउन है और हम ईरान के दूतावास के सपंर्क में हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय दूतावास और वाणिज्य कार्यालय इन मछुआरों के संपर्क में हैं और वे उनके लिये भोजन की आपूर्ति का बंदोबस्त कर रहे हैं।
याचिकाकर्ता के वकील ने इन मछुआरों को खाने और पानी की आपूर्ति का मुद्दा उठाया और कहा कि उन्हें ईरान से व्हाट्सऐप पर संदेश मिला है जिसके अनुसार दूतावास ने भोजन की आपूर्ति करने वाली कंपनी को भुगतान नहीं किया है।
अनूप
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 21, 2020 07:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

