हैदराबाद, 27 फरवरी तेलंगाना विधान परिषद की तीन सीट के लिए बृहस्पतिवार को मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि सबसे अधिक मतदान प्रतिशत वारंगल-खम्मम-नलगोंडा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का है, जो 93.55 प्रतिशत रहा।
विज्ञप्ति में कहा गया कि मेडक-निजामाबाद-आदिलाबाद-करीमनगर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 83.24 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि मेडक-निजामाबाद-आदिलाबाद-करीमनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 63.09 प्रतिशत मतदान हुआ और यह बढ़ भी सकता है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार उपलब्ध कराए गए मतदान प्रतिशत शाम चार बजे तक के थे। मतों की गिनती तीन मार्च को होगी।
मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ और शाम चार बजे तक जारी रहा।
एकमात्र स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 56 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जबकि मेडक-निजामाबाद-आदिलाबाद-करीमनगर और वारंगल-खम्मम-नलगोंडा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए क्रमशः 15 और 19 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तीनों सीट पर चुनाव लड़ रही है, जबकि सत्तारूढ़ कांग्रेस ने केवल स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए उम्मीदवार उतारा है। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) चुनाव से दूर है।
केंद्रीय कोयला मंत्री और भाजपा की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष जी. किशन रेड्डी, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार और अन्य भाजपा नेताओं ने चुनाव के लिए बड़े पैमाने पर प्रचार किया है।
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, कांग्रेस की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार किया।
भाजपा ने जोर देकर कहा कि उसने शिक्षकों और बेरोजगार युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चुनाव लड़ा है। पार्टी ने कहा कि अगर उसके उम्मीदवार चुने जाते हैं तो वे शिक्षकों के अलावा स्नातकों और अन्य शिक्षित वर्गों की समस्याओं को उठाएंगे।
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