विदेश की खबरें | जापान में ज्वालामुखी विस्फोट के कारण दो शहरों को खाली कराया गया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. ज्वालामुखी में विस्फोट के कारण रात के समय राख और बड़े-बड़े पत्थर निकलते दिखे।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

ज्वालामुखी में विस्फोट के कारण रात के समय राख और बड़े-बड़े पत्थर निकलते दिखे।

कागोशिमा के दक्षिणी प्रान्त में रविवार रात सकुराजिमा ज्वालामुखी से 2.5 किलोमीटर (1.5 मील) दूर बड़ी चट्टानें गिरीं। जापान के सार्वजनिक टेलीविजन ‘एनएचके’ के फुटेज में क्रेटर के पास नारंगी रंग की लपटें उठती दिख रही हैं और पहाड़ की चोटी के ऊपर राख के साथ गहरा धुंआ दिखाई दे रहा है।

जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने विस्फोट की चेतावनी को पांच के उच्चतम स्तर तक बढ़ा दिया और ज्वालामुखी विस्फोट के कारण दो शहरों में 51 निवासियों को अपने घर छोड़ने की सलाह दी।

कागोशिमा शहर की खबर के अनुसार, सोमवार को सुबह तक उनमें से 33 ने क्षेत्र के एक सुरक्षित स्थान पर शरण लेने के लिए अपने-अपने घरों को छोड़ दिया। एनएचके ने कहा कि अन्य लोगों को दूसरे स्थानों पर पहुंचाया जा सकता है।

उप मुख्य कैबिनेट सचिव योशीहिको इसोजाकी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम लोगों की जान बचाने को वरीयता देंगे और स्थिति का आकलन करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अपनी पूरी कोशिश करेंगे।’’

उन्होंने निवासियों से अपने जीवन की रक्षा के लिए स्थानीय अधिकारियों से समय-समय पर मिलने वाली जानकारी पर पूरा ध्यान देने का आह्वान किया।

आपदा की वजह से अब तक हुए नुकसान या हताहतों की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।

ज्वालामुखी का गड्ढा सोमवार की सुबह खराब मौसम के चलते छिप गया था। जेएमए ने क्रेटर के तीन किलोमीटर के भीतर ज्वालामुखी चट्टानों के गिरने और दो किलोमीटर के भीतर लावा, राख और गैस के संभावित प्रवाह की चेतावनी दी है।

सकुराजिमा तोक्यो से लगभग 1,000 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में है।

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